मुंगेली। पर्यावरण संरक्षण और हरित भविष्य के संकल्प के साथ विश्व पर्यावरण दिवस 5 जून 2026 को वनमंडल मुंगेली द्वारा मोहमाचा (बिजराकछार) में व्यापक स्तर पर बीजरोपण महाअभियान का आयोजन किया जाएगा। इस अभियान का उद्देश्य वन क्षेत्र का विस्तार, पर्यावरण संरक्षण तथा वनांचल क्षेत्रों में निवासरत ग्रामीणों के जीवन स्तर को बेहतर बनाना है। कार्यक्रम के माध्यम से आमजन, युवाओं और ग्रामीणों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करते हुए हर व्यक्ति को प्रकृति संवर्धन से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
वनमंडल मुंगेली के अनुसार विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आयोजित होने वाले इस विशेष कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों, पर्यावरण प्रेमियों और ग्रामीणों की भागीदारी रहेगी। अभियान के तहत बीजरोपण कर हरियाली बढ़ाने तथा आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और सुरक्षित पर्यावरण तैयार करने का संदेश दिया जाएगा।
पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन बनाने की पहल
वन विभाग का मानना है कि बढ़ते प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और वन क्षेत्र में कमी जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए जनभागीदारी आवश्यक है। इसी उद्देश्य से बीजरोपण महाअभियान को जन आंदोलन का स्वरूप देने का प्रयास किया जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान लोगों को पौधों और वनों के महत्व की जानकारी दी जाएगी तथा अधिक से अधिक पौधे लगाने एवं उनकी सुरक्षा का संकल्प दिलाया जाएगा।
वन विभाग के अनुसार जंगल केवल पर्यावरण संतुलन का आधार ही नहीं हैं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था और आजीविका से भी सीधे जुड़े हुए हैं। वनों के संरक्षण से जैव विविधता सुरक्षित रहती है, जल स्रोतों का संरक्षण होता है और ग्रामीणों को रोजगार तथा संसाधन उपलब्ध होते हैं।
ग्रामीणों के जीवन स्तर में सुधार का प्रयास
बीजरोपण महाअभियान का एक प्रमुख उद्देश्य वन क्षेत्रों में निवासरत ग्रामीणों की आर्थिक और सामाजिक स्थिति को मजबूत करना भी है। वन आधारित गतिविधियों और हरित विकास के माध्यम से ग्रामीणों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। अभियान के दौरान फलदार और उपयोगी प्रजातियों के पौधों एवं बीजों के महत्व पर भी प्रकाश डाला जाएगा।
वन विभाग का कहना है कि हरियाली बढ़ने से पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ ग्रामीणों की आय में भी वृद्धि होगी तथा प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण संभव हो सकेगा।
परिवार सहित शामिल होने की अपील
वनमंडल मुंगेली ने जिलेवासियों से कार्यक्रम में परिवार सहित शामिल होने की अपील की है। विभाग का संदेश है कि “एक पौधा, एक जीवन”, “हरियाली है तो खुशहाली है” और “जंगल बचेंगे तो जीवन बचेगा” जैसे संकल्पों को अपनाकर ही पर्यावरण संरक्षण के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है।
विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित यह अभियान केवल पौधे लगाने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि लोगों को पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार नागरिक बनने और प्रकृति संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए प्रेरित करेगा। वन विभाग ने नागरिकों से आह्वान किया है कि वे इस महाअभियान का हिस्सा बनकर आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वच्छ, सुरक्षित और हराभरा भविष्य बनाने में अपना योगदान दें।
