परसतराई में उत्साह, उमंग और संस्कारों के साथ मनाया गया शाला प्रवेश उत्सव
नेवता भोज में थाना प्रभारी ने अपने हाथों से परोसा भोजन, डिजिटल युग में सुरक्षित रहने का पढ़ाया पाठ
साथ बैठकर भोजन, बच्चों संग ठहाके: शाला प्रवेश उत्सव में पुलिस ने जीता दिल, साइबर सुरक्षा का भी दिया संदेश
धरसींवा। स्थानीय दाऊ पोषण लाल शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय परसतराई में संकुल स्तरीय ‘शाला प्रवेश उत्सव’ हर्षोल्लास, आत्मीयता और संस्कारों के माहौल में संपन्न हुआ। नए शिक्षा सत्र की शुरुआत पर विद्यालय पहुंचे नवप्रवेशी छात्र-छात्राओं का तिलक लगाकर, मुंह मीठा कराते हुए नए गणवेश और पाठ्यपुस्तकें भेंट कर गर्मजोशी से स्वागत किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में धरसींवा थाना प्रभारी राजेंद्र दीवान उपस्थित रहे, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में सिलतरा चौकी प्रभारी राजेंद्र कंवर शामिल हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता शाला विकास समिति के अध्यक्ष हेमंत वर्मा ने की। इस अवसर पर विद्यालय परिसर में स्नेह और अपनत्व से भरा भव्य ‘नेवता भोज’ भी आयोजित किया गया, जिसने पूरे आयोजन को यादगार बना दिया।
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खाकी का भावनात्मक रूप: जब पुलिस अधिकारियों ने बच्चों को अपने हाथों से परोसा भोजन
नेवता भोज के दौरान ऐसा दृश्य देखने को मिला जिसने हर किसी का मन छू लिया। आमतौर पर कानून व्यवस्था संभालने और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने वाली खाकी वर्दी इस दिन बच्चों के बीच ममता और अपनापन लेकर पहुंची। थाना प्रभारी राजेंद्र दीवान और चौकी प्रभारी राजेंद्र कंवर ने स्वयं अपने हाथों से बच्चों को भोजन परोसा। इतना ही नहीं, दोनों अधिकारी बच्चों के साथ बैठकर भोजन करते नजर आए , उनसे बातें कीं, हंसी-मजाक किया और ठहाके लगाए। पुलिस अधिकारियों का यह सहज, स्नेहपूर्ण और मानवीय व्यवहार बच्चों के लिए किसी यादगार पल से कम नहीं था। बच्चों के चेहरे खुशी से खिल उठे और पूरे विद्यालय का वातावरण अपनत्व, सम्मान और संस्कारों की मिठास से सराबोर हो गया। उपस्थित लोगों ने भी पुलिस के इस मानवीय रूप की मुक्तकंठ से सराहना की।
प्रवेश उत्सव में साइबर जागरूकता: सुरक्षित मोबाइल और सोशल मीडिया उपयोग की दी सीख
प्रवेश उत्सव के दौरान विद्यार्थियों के लिए साइबर अपराध जागरूकता कार्यशाला का अल्पकालिक आयोजन भी हुआ। चौकी प्रभारी राजेंद्र कंवर ने बच्चों को डिजिटल दुनिया में सतर्क रहने की उपयोगी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मोबाइल का जरूरत से ज्यादा और गलत उपयोग बच्चों को कई तरह की परेशानियों और अपराधों की ओर ले जा सकता है। उन्होंने सोशल मीडिया का जिम्मेदारीपूर्वक इस्तेमाल करने, अनजान लिंक और फर्जी संदेशों से बचने तथा साइबर ठगी से सुरक्षित रहने के सरल और व्यवहारिक उपाय विद्यार्थियों के साथ साझा किए।
‘विद्यालय ज्ञान का मंदिर है’: थाना प्रभारी ने अनुशासन और एकाग्रता का दिया संदेश
थाना प्रभारी राजेंद्र दीवान ने विद्यार्थियों को अनुशासन, संस्कार और शिक्षा का महत्व समझाते हुए विद्यालय परिसर में मोबाइल फोन के उपयोग से दूरी बनाए रखने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि स्कूल वह स्थान है जहां विद्यार्थी ज्ञान, चरित्र और अच्छे संस्कार प्राप्त करते हैं। ऐसे में मोबाइल जैसी चीजों से दूर रहकर पढ़ाई पर पूरी एकाग्रता से ध्यान देना ही सफलता की सबसे बड़ी कुंजी है। कार्यक्रम के अंत में शाला विकास समिति के अध्यक्ष हेमंत वर्मा ने सभी अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापन व्यक्त करते हुए विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।और आभार प्रदर्शन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ । इस अवसर पर समिति के सदस्य, संकुल के शिक्षक, गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
