डीएलएसए रायपुर की पहल, छात्रों और आमजन को निःशुल्क विधिक सहायता एवं सामाजिक कानूनों की दी गई जानकारी
रायपुर। मादक पदार्थों के दुरुपयोग और अवैध तस्करी के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय दिवस (26 जून) के अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) रायपुर द्वारा विशेष विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर माननीय अध्यक्ष/जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा माननीय सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रायपुर के मार्गदर्शन में नालसा डॉन योजना–2025 के अंतर्गत आयोजित किया गया। कार्यक्रम में माननीय जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीशों तथा पैरालिगल वालेंटियर्स ने छात्रों एवं आमजन को विभिन्न विधिक अधिकारों और सामाजिक कानूनों की विस्तृत जानकारी दी।
शिविर का आयोजन शासकीय प्रयास कन्या आवासीय विद्यालय, जनता कॉलोनी, गुढ़ियारी, रायपुर में किया गया। इस दौरान न्यायाधीशों ने मादक पदार्थों के दुरुपयोग एवं अवैध तस्करी से होने वाले दुष्परिणामों पर प्रकाश डालते हुए युवाओं से नशे से दूर रहने और समाज को जागरूक बनाने का आह्वान किया। साथ ही नालसा जागृति योजना–2025 के तहत वरिष्ठ नागरिकों के अधिकार, माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण अधिनियम, 2007 तथा समाज के कमजोर एवं वंचित वर्गों को उपलब्ध निःशुल्क विधिक सहायता योजनाओं की जानकारी भी दी गई।
कार्यक्रम में बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006, बाल तस्करी, बालकों का निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 तथा बाल श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986 जैसे महत्वपूर्ण कानूनों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। पात्र एवं जरूरतमंद व्यक्तियों को निःशुल्क अधिवक्ता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया समझाई गई तथा नालसा की टोल-फ्री हेल्पलाइन 15100 की जानकारी भी साझा की गई।
शिविर में माननीय जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश श्री मनोज सिंह ठाकुर एवं श्री विनय कुमार प्रधान की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम को सफल बनाने में अधिकार मित्र श्री सुप्रभात हलदार एवं श्रीमती राजेश्वरी जेरी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से समाज में विधिक चेतना बढ़ाने और प्रत्येक जरूरतमंद व्यक्ति तक न्याय की पहुंच सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
