नेपाल–भारत पर्यटन को बढावा हेतु मिली नई दिशा : जिला होटल व्यवसायी संघ काठमांडू की महत्वपूर्ण बैठक

अतिथि देवो भवः का सही मायने जानना हो तो जरूर करें नेपाल यात्रा

काठमांडू (नेपाल)। नेपाल–भारत के बीच पर्यटन, धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक विरासत एवं जनसंपर्क को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की दिशा में काठमांडू में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। जिला होटल व्यवसायी संघ काठमांडू के विशेष निमंत्रण पर नेपाल पहुंचे इंडो नेपाल टूरिज्म वेलफेयर सोसाइटी के संस्थापक एवं वरिष्ठ भारतीय पत्रकार डॉ. जतिन्दरपाल सिंह तथा पंकज रंजीत के साथ नेपाल के होटल एवं पर्यटन क्षेत्र के प्रमुख व्यवसायियों ने विस्तृत विचार-विमर्श किया।एयरपोर्ट क्षेत्र स्थित रॉयल बुटीक होटल में आयोजित इस गरिमामयी बैठक में नेपाल–भारत पर्यटन सहयोग को और अधिक सशक्त बनाने, धार्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने तथा नेपाल के पर्यटन स्थलों के व्यापक प्रचार-प्रसार पर विस्तार से चर्चा हुई।

नेपाली पर्यटन व्यवसायियों ने भारतीय मीडिया की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए भविष्य में दोनों देशों के बीच पर्यटन संबंधों को और मजबूत करने पर बल दिया।बैठक को संबोधित करते हुए जिला होटल व्यवसायी संघ, काठमांडू के अध्यक्ष सुरेश बराल ने कहा कि नेपाल आने वाले भारतीय पर्यटकों के लिए गुणवत्तापूर्ण होटल, स्वादिष्ट भोजन, सुरक्षित आवास, सुविधाजनक यात्रा तथा पर्यटन से जुड़ी सभी आवश्यक सेवाएँ उपलब्ध कराना होटल उद्योग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि भारतीय पर्यटकों को नेपाल में बेहतर आतिथ्य और विश्वस्तरीय सेवाएँ प्रदान करने के लिए होटल व्यवसायी पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।बैठक के दौरान नेपाल के धार्मिक, सांस्कृतिक, ऐतिहासिक एवं प्राकृतिक पर्यटन स्थलों की असीम संभावनाओं पर गंभीर चर्चा हुई।

होटल एवं पर्यटन व्यवसायियों ने भारतीय पत्रकारों द्वारा भारत में नेपाल के पर्यटन, धार्मिक स्थलों एवं सांस्कृतिक धरोहरों का निरंतर प्रचार-प्रसार करने के प्रयासों की सराहना करते हुए भविष्य में भी इस अभियान को और व्यापक बनाने का आग्रह किया।इस अवसर पर डॉ. जतिन्दरपाल सिंह एवं पंकज रंजीत ने पूर्वी नेपाल के प्रमुख पर्यटन स्थलों इलाम, भेडेटार, श्रीअन्तु और रामधुनी का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि नेपाल की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि कम दूरी में ही पर्यटक पर्वत, हरियाली, झीलें, धार्मिक स्थल, सांस्कृतिक विरासत तथा विविध जलवायु का अद्भुत अनुभव प्राप्त कर सकते हैं। यही विशेषता नेपाल को भारतीय पर्यटकों के लिए एक अत्यंत आकर्षक पर्यटन गंतव्य बनाती है।उन्होंने कहा कि नेपाल और भारत के बीच सदियों पुराने धार्मिक, सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक संबंध दोनों देशों की साझा धरोहर हैं। पशुपतिनाथ, स्वयम्भूनाथ, बौद्धनाथ सहित नेपाल के अनेक धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों के प्रति भारतीय श्रद्धालुओं की गहरी आस्था है।

आने वाले वर्षों में धार्मिक पर्यटन दोनों देशों के संबंधों को और अधिक मजबूत करने का प्रभावी माध्यम सिद्ध होगा।बैठक में होटल व्यवसायी महासंघ नेपाल के प्रशासन उपाध्यक्ष ज्ञानु गजमेर, होटल तथा पर्यटन व्यवसायी संघ नेपाल (बागमती प्रदेश) के अध्यक्ष दामोदर नेपाल, सचिवालय सदस्य सञ्जीव श्रेष्ठ, जिला होटल व्यवसायी संघ काठमांडू के वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रज्वल श्रेष्ठ, सचिव अनिश बनियाँ, सचिवालय सदस्य खेम उप्रेती, एकता होटल व्यवसायी संघ के अध्यक्ष सरोज आले मगर तथा पर्वतारोही एवं प्रकृति संरक्षण विशेषज्ञ पी. के. शेर्पा सहित अनेक प्रतिष्ठित होटल एवं पर्यटन व्यवसायी उपस्थित रहे।काठमांडू भ्रमण पर जाएँ तो इन प्रमुख स्थलों का अवश्य करें दर्शनपशुपतिनाथ मंदिर – भगवान शिव का विश्वप्रसिद्ध मंदिर, जहाँ सुबह और शाम की आरती अद्भुत आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करती है।बौद्धनाथ स्तूप – विश्व के सबसे विशाल बौद्ध स्तूपों में से एक, जो शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा का प्रतीक है।स्वयम्भूनाथ महाचैत्य (मंकी टेम्पल) – यहाँ से पूरे काठमांडू घाटी का मनमोहक दृश्य दिखाई देता है।थमेल बाजार – खरीदारी, नेपाली हस्तशिल्प, स्थानीय व्यंजन, कैफ़े और सांस्कृतिक माहौल का प्रमुख केंद्र।काठमांडू दरबार स्क्वायर – नेपाल के प्राचीन राजमहलों, मंदिरों और ऐतिहासिक धरोहरों का शानदार परिसर।गार्डन ऑफ ड्रीम्स (सपनों का उद्यान) – शांत वातावरण, हरियाली और फोटोग्राफी के लिए प्रसिद्ध आकर्षक उद्यान।नारायणहिटी राजमहल संग्रहालय – नेपाल के पूर्व राजपरिवार के इतिहास और विरासत को संजोए हुए संग्रहालय।धरहरा व्यू टॉवर – आधुनिक दर्शनीय टॉवर, जहाँ से पूरे काठमांडू शहर का मनोरम दृश्य देखा जा सकता है।पर्यटन विशेषज्ञों का संदेशनेपाल केवल एक पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि धार्मिक आस्था, प्राकृतिक सौंदर्य, सांस्कृतिक विविधता और आत्मीय आतिथ्य का अद्भुत संगम है।

भारत और नेपाल के बीच पर्यटन सहयोग जितना मजबूत होगा, उतना ही दोनों देशों की अर्थव्यवस्था, सांस्कृतिक संबंध और जन-जन के बीच आपसी विश्वास भी सुदृढ़ होगा। इंडो नेपाल टूरिज्म वेलफेयर सोसाइटी इसी उद्देश्य के साथ दोनों देशों के बीच पर्यटन, संस्कृति और मैत्री संबंधों को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इस बैठक में शानदार चर्चा के साथ-साथ बेहतर सम्मान के लिए डॉ.जतिंदरपाल सिंह ने धन्यवाद एवं आभार प्रकट किया।डॉ जतिंदरपाल सिंहइंडो नेपाल टूर वेलफेयर सोसाइटी

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