प्रत्येक पात्र मरीज को समयबद्ध व गुणवत्तापूर्ण उपचार सुनिश्चित करने पर दिया जोर
मुंगेली,
कलेक्टर कुन्दन कुमार के निर्देशानुसार जिले में आयुष्मान भारत एवं अन्य स्वास्थ्य योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. शीला साहा ने एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक ली। सीएमएचओ सभाकक्ष में आयोजित इस बैठक में आयुष्मान भारत योजना से संबद्ध निजी अस्पतालों के चिकित्सकों, अस्पताल प्रतिनिधियों एवं ऑपरेटरों ने हिस्सा लिया।
बैठक में प्रधानमंत्री सड़क दुर्घटना उपचार योजना (पीएम राहत), आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना तथा आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन की प्रगति की विस्तृत समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।
बैठक के मुख्य बिंदु और निर्देश:
सड़क दुर्घटना के मरीजों को प्राथमिकता: सीएमएचओ डॉ. साहा ने निर्देशित किया कि सड़क दुर्घटना के प्रत्येक पात्र मरीज को ‘पीएम राहत योजना’ के तहत प्राथमिकता के आधार पर कैशलेस एवं समयबद्ध उपचार उपलब्ध कराया जाए।
योजनाओं का प्रचार-प्रसार: सभी निजी अस्पतालों को अपने परिसर के प्रमुख स्थानों पर योजना संबंधी जानकारी, प्रचार-प्रसार सामग्री एवं आवश्यक सूचनाएं प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए, ताकि अधिक से अधिक नागरिक इसका लाभ उठा सकें।
डिजिटल मिशन के तहत पंजीयन: आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के अंतर्गत सभी चिकित्सकों, फार्मासिस्टों एवं नर्सिंग स्टाफ का ‘हेल्थ प्रोफेशनल रजिस्ट्री’ में पंजीयन अनिवार्य रूप से करने तथा अस्पतालों की जानकारी ‘हेल्थ फैसिलिटी रजिस्ट्री पोर्टल’ पर नियमित रूप से अपडेट रखने के निर्देश दिए गए।
अस्पताल स्तर पर ही बनेंगे आयुष्मान कार्ड: आयुष्मान भारत योजना के तहत अस्पताल स्तर पर ही पात्र मरीजों एवं उनके परिजनों के आयुष्मान कार्ड बनाने की सुविधा सुनिश्चित करने को कहा गया है। इसके साथ ही अस्पताल परिसर में पैकेज दर सूची, योजना संबंधी सूचना एवं टोल-फ्री नंबर प्रदर्शित करने और पोर्टल पर समयबद्ध कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए।
सीएमएचओ का संदेश: डॉ. साहा ने सभी अस्पतालों से शासन के दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन करते हुए राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के नियमों के तहत मरीजों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने का आह्वान किया।
इस समीक्षा बैठक में जिले के आयुष्मान भारत योजना से संबद्ध सभी निजी अस्पतालों के चिकित्सक, अस्पताल प्रतिनिधि एवं ऑपरेटर मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
