बिलाईगढ़ बंद: 5 सूत्रीय मांगों को लेकर व्यापारियों का प्रदर्शन, बाजार और साप्ताहिक हाट रहे बंद*


सारंगढ़ बिलाईगढ:गौरव पथ, बस सेवा, व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स और नगर पालिका से जुड़े मुद्दों पर प्रशासन से कार्रवाई की मांग

बिलाईगढ़ | सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिले में

बिलाईगढ़ में विभिन्न स्थानीय मांगों को लेकर शुक्रवार को व्यापारी संघ के आह्वान पर बंद का व्यापक असर देखने को मिला। बंद के दौरान अधिकांश व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहे, वहीं शुक्रवार को लगने वाला साप्ताहिक हाट-बाजार भी प्रभावित रहा। व्यापारियों ने प्रशासन पर लंबित विकास कार्यों और जनसमस्याओं के समाधान में विलंब का आरोप लगाते हुए अपनी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई की मांग की।

व्यापारी संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि प्रशासन को कई बार ज्ञापन और मांगपत्र सौंपे गए, लेकिन अपेक्षित प्रगति नहीं होने के कारण उन्हें बंद का आह्वान करना पड़ा। उनका कहना है कि जब तक मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, आंदोलन आगे भी जारी रह सकता है।

इन मांगों को लेकर हुआ प्रदर्शन

  • लंबित गौरव पथ निर्माण कार्य शीघ्र पूरा किया जाए।
  • प्रस्तावित व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स का निर्माण कार्य प्रारंभ किया जाए।
  • क्षेत्र की यात्री बस सेवाओं को नियमित एवं सुचारु किया जाए।
  • पेयजल, स्वच्छता और सड़कों सहित बुनियादी नागरिक सुविधाओं में सुधार किया जाए।
  • नगर पालिका के कार्यों को लेकर उठाई गई शिकायतों पर कार्रवाई करते हुए मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) के संबंध में उचित प्रशासनिक निर्णय लिया जाए।

व्यापारी संघ के एक प्रतिनिधि ने कहा, “यह आंदोलन केवल व्यापारिक हितों का नहीं, बल्कि बिलाईगढ़ के समग्र विकास और नागरिक सुविधाओं से जुड़ा है।”

सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासन की पहल

बंद को देखते हुए शहर के प्रमुख स्थानों पर पुलिस बल तैनात किया गया। प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि व्यापारी संघ से संवाद जारी है तथा प्राप्त मांगों पर नियमानुसार विचार किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, वार्ता के माध्यम से समाधान निकालने का प्रयास किया जा रहा है।

नागरिकों का मिला समर्थन

प्रदर्शन के दौरान व्यापारी संघ के सदस्य शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांगों के समर्थन में नारे लगाते और बैनर-तख्तियों के साथ प्रदर्शन करते दिखाई दिए। कई स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने भी आंदोलन के प्रति समर्थन व्यक्त किया।

व्यापारी संघ ने स्पष्ट किया है कि यदि मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं होती, तो आंदोलन के अगले चरण की रणनीति पर विचार किया जाएगा।

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