नन्हे-मुन्ने बच्चों ने अपने हाथों से बनाई रंग-बिरंगी राखियां, भाइयों की कलाई पर बांधकर दिया प्रेम और रक्षा का संदेश
ज़िला जांजगीर चांपा ब्लॉक नवागढ़ रिगनी/खरौद-शिवरीनारायण। भाई-बहन के अटूट प्रेम, स्नेह और विश्वास का प्रतीक रक्षाबंधन पर्व शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय में हर्षोल्लास एवं उत्साह के साथ मनाया गया। पर्व को लेकर विद्यालय के नन्हे-मुन्ने बच्चों में खासा उत्साह देखने को मिला।
इस अवसर पर विद्यार्थियों ने अपने हाथों से रंग-बिरंगी एवं आकर्षक राखियां तैयार कीं। विद्यालय में राखी निर्माण प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया, जिसमें छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया। बच्चों ने रंगीन धागों, मोतियों एवं विभिन्न सजावटी सामग्रियों का उपयोग कर सुंदर राखियां तैयार कीं। उत्कृष्ट राखी बनाने वाले विद्यार्थियों को प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्रदान कर पुरस्कृत किया गया। पुरस्कार पाकर बच्चों के चेहरे खुशी से खिल उठे।
इसके बाद रक्षाबंधन का मुख्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। छात्राओं ने अपने हाथों से तैयार राखियां भाइयों की कलाई पर बांधीं। बहनों ने भाइयों का तिलक लगाकर आरती उतारी और मिठाई खिलाई। वहीं भाइयों ने भी बहनों को उपहार भेंट कर उनके प्रति स्नेह एवं सम्मान व्यक्त किया। अपने हाथों से बनाई राखी जब बच्चों ने एक-दूसरे की कलाई पर बांधी तो विद्यालय परिसर में भाई-बहन के प्रेम, आत्मीयता और भारतीय संस्कारों की सुंदर झलक देखने को मिली।
कार्यक्रम को सफल बनाने में शिक्षिका रेशमा उरांव, मीनाक्षी केसरवानी, लक्ष्मीन मांझी एवं तनु धीवर का सराहनीय योगदान रहा। शिक्षिकाओं के मार्गदर्शन में बच्चों ने राखियां तैयार कीं और पूरे कार्यक्रम को व्यवस्थित रूप से संपन्न कराया गया। इस दौरान शिक्षिकाओं ने विद्यार्थियों को रक्षाबंधन पर्व की धार्मिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक महत्ता की जानकारी भी दी।
कार्यक्रम में शाला के प्रधान पाठक ओमप्रकाश शर्मा, सत्यनारायण यादव, मनमोहन महिलांगे, विनोद सिदार, मनीराम कश्यप, लक्ष्मीनारायण कश्यप, अजय मधुकर एवं संकुल समन्वयक अमन केसरवानी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
शिक्षकों ने विद्यार्थियों को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि विद्यालयों में इस तरह के सांस्कृतिक आयोजन बच्चों को भारतीय संस्कृति एवं संस्कारों से जोड़ने के साथ-साथ प्रेम, भाईचारे, आपसी सम्मान और सद्भावना की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
