शोभायात्रा, भजन-सत्संग और यज्ञ-आरती के साथ संपन्न हुआ भव्य आयोजन, बड़ी संख्या में श्रद्धालु हुए शामिल
रायपुर । रायपुर जिला मुख्यालय के समीप स्थित ग्राम दौंदेकला में संत कबीरदास जी के प्रकट उत्सव का आयोजन श्रद्धा, भक्ति और उत्साहपूर्ण वातावरण में किया गया। पूरे गांव में आध्यात्मिक माहौल देखने को मिला। कार्यक्रम में आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं ग्रामीण शामिल हुए। आयोजन के दौरान गांव भक्तिमय रंग में रंगा नजर आया।
कार्यक्रम की शुरुआत भव्य शोभायात्रा के साथ हुई। शोभायात्रा गांव के प्रमुख मार्गों से होकर निकाली गई, जिसमें श्रद्धालु संत कबीरदास जी के संदेशों का प्रचार करते हुए भजन-कीर्तन करते नजर आए। जगह-जगह ग्रामीणों ने शोभायात्रा का स्वागत किया। पूरे वातावरण में “सतनाम” और कबीर वाणी की गूंज सुनाई देती रही।
शोभायात्रा के पश्चात कबीर उपदेश, भजन एवं सत्संग का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कबीर आश्रम डभरा से पधारे मुख्य अतिथि कन्हैया दास शास्त्री ने संत कबीरदास जी के विचारों और उनके सामाजिक संदेशों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि संत कबीर ने समाज को सत्य, मानवता, भाईचारे और सद्भाव का मार्ग दिखाया। आज के समय में उनके विचारों को अपनाने की आवश्यकता पहले से अधिक है।
भजन-सत्संग में कलाकारों एवं श्रद्धालुओं ने कबीर वाणी और भक्तिमय भजनों की प्रस्तुति देकर सभी को भावविभोर कर दिया। कार्यक्रम का समापन सात्विक यज्ञ, चौका-आरती एवं सामूहिक प्रार्थना के साथ किया गया। इसके बाद श्रद्धालुओं के लिए विशाल भोज-भंडारे का आयोजन भी रखा गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में समिति के अध्यक्ष ओमप्रकाश साहू, सचिव नवल किशोर साहू, व्यवस्था प्रमुख देवदास साहू एवं उपाध्यक्ष नंदलाल साहू सहित समिति के सभी सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। आयोजन के अंत में समिति अध्यक्ष ओमप्रकाश साहू ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी ग्रामीणों, श्रद्धालुओं एवं अतिथियों का आभार व्यक्त किया।
गांव में आयोजित इस आध्यात्मिक कार्यक्रम ने सामाजिक एकता, सद्भाव और संत कबीरदास जी के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य किया।
