सारंगढ़। क्षेत्र में अवैध रूप से ब्याज (सूदखोरी) का धंधा करने वाले और कर्जदारों का खून चूसने वाले माफियाओं के खिलाफ सारंगढ़ पुलिस ने अब पूरी तरह से कमर कस ली है। सारंगढ़ थाना प्रभारी प्रमोद यादव ने आम जनता को सचेत करते हुए कहा है कि लोग ऐसे अवैध ब्याज कारोबारियों के चंगुल में फंसने से बचें। यदि कोई सूदखोर किसी नागरिक को मानसिक, शारीरिक या सामाजिक रूप से प्रताड़ित करता है, तो बिना डरे तुरंत पुलिस की सहायता लें। पुलिस ऐसे अपराधियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करेगी।
ऐसे बिछाया जाता है मौत का जाल-
थाना प्रभारी ने बताया कि ये अवैध ब्याज कारोबारी बेहद शातिर तरीके से गरीब, मजबूर और मध्यमवर्गीय परिवारों को निशाना बनाते हैं। बैंक लोन की कागजी प्रक्रिया से कतराने वाले लोगों को ये बिना किसी गारंटी के तुरंत नकदी दे देते हैं। इसके बदले में ग्राहकों से कोरे चेक और खाली स्टांप पेपर पर दस्तखत करवा लिए जाते हैं।
10% से 20% तक मासिक ब्याज वसूला जाता है, जो चक्रवृद्धि दर से बढ़कर कुछ ही महीनों में मूलधन से कई गुना ज्यादा हो जाता है।
रकम न चुका पाने पर पीड़ित की मोटरसाइकिल, सोने के गहने, या जमीन-जायदाद पर जबरन कब्जा कर लिया जाता है।
इन धाराओं के तहत होगी सख्त कार्रवाई-
कानूनी जानकारों और पुलिस प्रशासन के मुताबिक, बिना वैध लाइसेंस के ब्याज पर पैसे देना और वसूली के लिए प्रताड़ित करना पूरी तरह गैर-कानूनी है। ऐसे मामलों में पुलिस निम्नलिखित धाराओं के तहत कार्रवाई करेगी।
इस विशेष कानून के तहत अवैध सूदखोरों पर सीधे केस दर्ज कर जेल भेजा जाएगा।
भारतीय न्याय संहिता जे तहत डराने-धमकाने (क्रिमिनलइंटिमिडेशन), जबरन वसूली (एक्सटॉर्शन) और प्रताड़ित करने पर सख्त गैर-जमानती धाराओं के तहत कार्रवाई होगी।
अवैध ब्याज से कमाई गई बेनामी संपत्तियों की जांच कराकर उन्हें कुर्क (जब्त) करने की कार्रवाई भी की जा सकती है।
थाना प्रभारी की जनता से सीधी अपील-
”कोई भी सूदखोर कानून से बड़ा नहीं है। अगर आपने मजबूरी में किसी से पैसे लिए हैं और वह आपको या आपके परिवार को प्रताड़ित कर रहा है, तो डरने या कोई आत्मघाती कदम उठाने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। आपके पास जो भी साक्ष्य (कॉल रिकॉर्डिंग, मैसेज या गवाह) हों, उन्हें लेकर तुरंत सारंगढ़ थाने आएं। पुलिस आपकी पहचान गुप्त रखते हुए आपकी ढाल बनेगी और अपराधी को सलाखों के पीछे भेजेगी।”
