NHRCCB के प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से की मुलाकात, मानवाधिकार संरक्षण एवं जनहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर सौंपा विस्तृत ज्ञापनमानवाधिकार संरक्षण, महिला सुरक्षा एवं सुशासन को लेकर NHRCCB ने राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन



राज्य में मानवाधिकार व्यवस्था को सशक्त बनाने की मांग, NHRCCB प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से की भेंट
NHRCCB ने उठाई जनहित और मानवाधिकार की आवाज, राज्यपाल को सौंपा 9 सूत्री ज्ञापन
मानवाधिकार, महिला सुरक्षा और आदिवासी अधिकारों पर NHRCCB का हस्तक्षेप, राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन
महिला सुरक्षा, आदिवासी अधिकार, जेल सुधार, अपराध नियंत्रण, मानवाधिकार शिक्षा एवं राज्य मानवाधिकार आयोग को सशक्त बनाने की मांग; राज्यपाल से सकारात्मक हस्तक्षेप का आग्रह
रांची, 03 जून 2026

नेशनल ह्यूमन राइट्स एंड क्राइम कंट्रोल ब्यूरो (NHRCCB) के राष्ट्रीय कार्यालय के निर्देशानुसार संगठन के एक प्रतिनिधिमंडल ने आज माननीय राज्यपाल महोदय से शिष्टाचार भेंट कर राज्यहित, जनहित एवं मानवाधिकार संरक्षण से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने राज्य में मानवाधिकार संरक्षण को सुदृढ़ बनाने, महिला एवं बाल सुरक्षा, आदिवासी अधिकारों की रक्षा, अपराध नियंत्रण, जेल सुधार, विस्थापित परिवारों के पुनर्वास, मानवाधिकार शिक्षा के विस्तार तथा संस्थागत मानवाधिकार तंत्र को मजबूत करने हेतु आवश्यक हस्तक्षेप की मांग की।
प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व NHRCCB झारखंड प्रदेश उपाध्यक्ष श्री गुरप्रीत सिंह ने किया। प्रतिनिधिमंडल में श्री विनय चंद्रा (राष्ट्रीय संयुक्त सचिव), श्री धनंजय शर्मा (जिला अध्यक्ष, पूर्वी सिंहभूम), श्री सुमित शर्मा (जिला उपाध्यक्ष, पूर्वी सिंहभूम) एवं श्री मानस पॉल (जिला महासचिव, पूर्वी सिंहभूम) शामिल थे।
प्रतिनिधिमंडल ने माननीय राज्यपाल को अवगत कराया कि NHRCCB वर्ष 2017 से मानवाधिकार संरक्षण, सामाजिक न्याय, महिला एवं बाल अधिकार, विधिक जागरूकता, अपराध नियंत्रण तथा जनसेवा के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है। संस्था द्वारा देश के विभिन्न राज्यों में हजारों मानवाधिकार जागरूकता अभियान, संगोष्ठियां, कार्यशालाएं, प्रशिक्षण कार्यक्रम, जनसंवाद एवं राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय अधिवेशनों का आयोजन किया गया है। वर्तमान में संगठन के 25,000 से अधिक पदाधिकारी, सदस्य एवं स्वयंसेवक देशभर में मानवाधिकार जागरूकता और सामाजिक सेवा के कार्यों में सक्रिय हैं।
प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि NHRCCB द्वारा वर्ष 2022, 2023 एवं 2026 में आयोजित अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार अधिवेशनों ने संगठन को राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि वैश्विक स्तर पर भी एक विशिष्ट पहचान प्रदान की है। इन अधिवेशनों में विभिन्न देशों के मानवाधिकार विशेषज्ञों, शिक्षाविदों, विधि विशेषज्ञों, प्रशासनिक अधिकारियों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सहभागिता कर मानवाधिकार संरक्षण एवं मानवीय मूल्यों के संवर्धन पर महत्वपूर्ण विचार-विमर्श किया।
ज्ञापन में राज्य के समक्ष उपस्थित अनेक महत्वपूर्ण मानवाधिकार चुनौतियों की ओर ध्यान आकृष्ट करते हुए प्रतिनिधिमंडल ने झारखंड राज्य मानवाधिकार आयोग को पूर्णतः सक्रिय एवं सशक्त बनाने की मांग की। आयोग में रिक्त पदों पर शीघ्र नियुक्ति, लंबित मामलों के त्वरित निस्तारण तथा आयोग को पर्याप्त वित्तीय एवं प्रशासनिक संसाधन उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर बल दिया गया।
प्रतिनिधिमंडल ने महिलाओं, बच्चों, आदिवासियों, अनुसूचित जाति, वंचित वर्गों एवं बंदियों से जुड़े मानवाधिकार मामलों की नियमित समीक्षा सुनिश्चित करने तथा मानवाधिकार उल्लंघन की घटनाओं में निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच कर पीड़ितों को त्वरित न्याय उपलब्ध कराने की मांग भी की।
इस दौरान राज्य में महिलाओं के विरुद्ध बढ़ते अपराधों, यौन उत्पीड़न, घरेलू हिंसा, साइबर अपराध एवं मानव तस्करी के मामलों पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई। प्रतिनिधिमंडल ने होटवार केंद्रीय कारागार से जुड़े महिला उत्पीड़न प्रकरण की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की। साथ ही राज्य की सभी जेलों में महिला सुरक्षा मानकों की समीक्षा किए जाने का आग्रह भी किया गया।
ज्ञापन में जेल सुधार को लेकर भी महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए। प्रतिनिधिमंडल ने सभी कारागारों में जेल मैनुअल के प्रभावी अनुपालन, बंदियों को स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं कानूनी सहायता की उपलब्धता तथा जेलों के नियमित मानवाधिकार निरीक्षण एवं सामाजिक अंकेक्षण की आवश्यकता पर बल दिया।
NHRCCB ने पुलिस-जन संबंधों को मजबूत बनाने के उद्देश्य से प्रत्येक थाना स्तर पर नियमित पुलिस-जन संवाद कार्यक्रम आयोजित करने की मांग की। संगठन ने सुझाव दिया कि इन कार्यक्रमों में स्थानीय नागरिकों, अधिवक्ताओं, शिक्षाविदों, सामाजिक संगठनों एवं मानवाधिकार संगठनों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए ताकि पुलिस एवं जनता के मध्य विश्वास और सहयोग का वातावरण विकसित हो सके।
प्रतिनिधिमंडल ने राज्य में साइबर अपराध, नशा तस्करी, मानव तस्करी एवं संगठित अपराधों के विरुद्ध विशेष अभियान चलाने, सामुदायिक पुलिसिंग को बढ़ावा देने तथा युवाओं को नशे एवं अपराध से दूर रखने हेतु व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम संचालित करने की मांग भी उठाई।
इसके अतिरिक्त खनन, औद्योगिक एवं विकास परियोजनाओं से प्रभावित विस्थापित परिवारों के पुनर्वास एवं अधिकारों की सुरक्षा का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। प्रतिनिधिमंडल ने प्रभावित परिवारों को न्यायसंगत मुआवजा, रोजगार एवं प्रभावी पुनर्वास सुनिश्चित करने हेतु सुदृढ़ निगरानी तंत्र स्थापित करने की मांग की।
शिक्षा एवं जागरूकता के क्षेत्र में NHRCCB ने राज्य के सभी विश्वविद्यालयों में स्वतंत्र मानवाधिकार विभाग स्थापित करने तथा मानवाधिकार विषय में सर्टिफिकेट, डिप्लोमा, स्नातक, स्नातकोत्तर एवं शोध कार्यक्रम प्रारंभ करने का सुझाव दिया। साथ ही प्रत्येक विश्वविद्यालय में मानवाधिकार सेल गठित कर मानवाधिकार संरक्षण एवं छात्र अधिकारों की निगरानी सुनिश्चित करने की मांग भी की गई।
ज्ञापन में राज्य के प्रत्येक जिले में जिला मानवाधिकार संरक्षण प्रकोष्ठ की स्थापना की मांग भी शामिल थी, जिससे जिला स्तर पर मानवाधिकार शिकायतों का त्वरित समाधान एवं जनजागरूकता कार्यक्रमों का प्रभावी संचालन किया जा सके।
इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि NHRCCB का दृढ़ विश्वास है कि मानवाधिकार केवल संवैधानिक एवं कानूनी विषय नहीं हैं, बल्कि लोकतंत्र, सुशासन, सामाजिक न्याय एवं मानवीय गरिमा की मूल आधारशिला हैं। संगठन राज्य सरकार, प्रशासन, पुलिस विभाग, विश्वविद्यालयों एवं नागरिक समाज के साथ समन्वय स्थापित कर मानवाधिकार संरक्षण और जनकल्याण के क्षेत्र में सकारात्मक एवं रचनात्मक सहयोग प्रदान करने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है।
प्रतिनिधिमंडल ने माननीय राज्यपाल महोदय से अनुरोध किया कि ज्ञापन में उल्लिखित विषयों पर आवश्यक संज्ञान लेते हुए संबंधित विभागों एवं प्राधिकरणों को उचित दिशा-निर्देश प्रदान किए जाएं ताकि राज्य में मानवाधिकार संरक्षण, महिला सुरक्षा, सामाजिक न्याय एवं सुशासन को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सके।
माननीय राज्यपाल महोदय ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरतापूर्वक सुना तथा प्रस्तुत ज्ञापन को संबंधित स्तर पर विचारार्थ अग्रेषित करने एवं आवश्यक कार्रवाई हेतु सकारात्मक पहल करने का आश्वासन दिया।
जारीकर्ता :
मीडिया एवं जनसंपर्क प्रकोष्ठ
नेशनल ह्यूमन राइट्स एंड क्राइम कंट्रोल ब्यूरो (NHRCCB)
“जन-जन का अधिकार – मानवाधिकार”
राष्ट्रीय कार्यालय
www.nhrccb.org
nhrccbofficial@gmail.com

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