खाद संकट से जूझ रहे किसान, सरकार के ढीले रवैये पर उठे सवाल


ज़िला जांजगीर चांपा ब्लॉक नवागढ़ खेती-किसानी के महत्वपूर्ण सीजन में खाद की कमी ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। किसानों का आरोप है कि पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध नहीं हो रही, जबकि कुछ स्थानों पर कमीशनखोरी और मनमानी वितरण की शिकायतें भी सामने आ रही हैं।
सवाल यह है कि जब किसान देश की अन्न व्यवस्था की रीढ़ हैं, तो उन्हें समय पर और पर्याप्त मात्रा में खाद क्यों नहीं मिल रही? यदि खाद वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता नहीं होगी, तो खेती की लागत बढ़ेगी और उत्पादन पर भी असर पड़ेगा।
किसानों का कहना है कि सरकारी दावों और जमीनी हकीकत में बड़ा अंतर दिखाई दे रहा है। लंबी कतारें, सीमित वितरण और कथित दलाली व्यवस्था ने किसानों को परेशान कर रखा है।
जिम्मेदार अधिकारी एवं शासन की ढीले रवैया
“खेतों में मेहनत किसान की, लेकिन खाद के लिए भटकना उसकी मजबूरी बन गई है। आखिर खाद की कमी का जिम्मेदार कौन? किसानों को उनका हक मिलेगा या व्यवस्था की खामियों में ही उलझकर रह जाएगा अन्नदाता?”
“अन्नदाता परेशान, व्यवस्था लाचार या फिर जिम्मेदारों की अनदेखी? खाद संकट ने किसानों के सब्र की परीक्षा लेनी शुरू कर दी है।”

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