सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में ताला, मरीज बेहाल! आखिर स्वास्थ्य व्यवस्था का जिम्मेदार कौन?
जिला जांजगीर-चांपा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों की बदहाल व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है। जिला मुख्यालय सहित कई सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में समय पर स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिलने और केंद्रों में ताला लगे होने की शिकायतें सामने आ रही हैं। मरीज इलाज के लिए भटक रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी जवाब देने से बचते नजर आ रहे हैं।
स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए सरकार करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। जब अस्पतालों में मरीजों को समय पर डॉक्टर, कर्मचारी और आवश्यक सुविधाएं नहीं मिलेंगी, तो आम जनता आखिर किस पर भरोसा करे?
बड़ा सवाल यह है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों की निगरानी की जिम्मेदारी किसकी है? यदि अस्पतालों में ताला लटका मिले और मरीज परेशान हों, तो संबंधित अधिकारियों और विभागीय जिम्मेदारों के खिलाफ जवाबदेही तय होनी चाहिए।
जनता का कहना है कि स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधा में लापरवाही किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं है। प्रशासन को तत्काल जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करनी चाहिए ताकि मरीजों के जीवन के साथ हो रहे खिलवाड़ पर रोक लग सके।
“अस्पतालों पर ताले और मरीजों की कतारें—क्या यही है स्वास्थ्य व्यवस्था की तस्वीर? जनता जवाब मांग रही है, और जिम्मेदारों को जवाब देना ही होगा।”
