बुदबुदा पंचायत में 15वें वित्त आयोग की राशि पर अनियमितता का आरोप, कलेक्टर से शिकायत में उच्च स्तरीय जांच की हुई मांग..

सारंगढ़-बिलाईगढ़// जनपद पंचायत बरमकेला के ग्राम पंचायत बुदबुदा में विकास कार्यों के नाम पर आई 15वें वित्त आयोग की राशि को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीण हेमन्त पटेल ने जिला कलेक्टर को शिकायत पत्र सौंपकर पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। शिकायत सामने आने के बाद गांव में पंचायत की कार्यप्रणाली को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि वित्तीय वर्ष 2024-25, 2025-26 और 2026-27 के दौरान पंचायत स्तर पर न तो ग्राम सभा की नियमित बैठकें हुईं और न ही ग्रामीणों की सहमति ली गई। इसके बावजूद सरपंच और सचिव स्तर पर राशि निकालकर मनमाने ढंग से कार्य कराने और कथित तौर पर बंदरबांट किए जाने के आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ता का कहना है कि विकास कार्य कागजों में ज्यादा और जमीन पर कम दिखाई दे रहे हैं, जिससे पारदर्शिता पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है।

गांव के लोगों का यह भी कहना है कि बुदबुदा पंचायत पहले भी वित्तीय अनियमितताओं को लेकर सुर्खियों में रह चुकी है। तत्कालीन सरपंच शिवानी सिदार और सचिव दौलतराम जायसवाल के कार्यकाल में करीब 37 लाख 70 हजार रुपये की राशि में अनियमितता और कथित बंदरबांट के आरोप लग चुके हैं। अब उसी पंचायत में फिर से नए वित्तीय आरोप सामने आने से लोगों में नाराजगी और अविश्वास बढ़ता जा रहा है।

तत्कालीन सरपंच शिवानी सिदार, सचिव दौलतराम जायसवाल के साथ-साथ वर्तमान सरपंच लक्ष्मी पटेल और सचिव पंडित राम सिदार पर भी 15वें वित्त आयोग की राशि के कथित दुरुपयोग का आरोप लगाया गया है। ग्रामीणों ने साफ कहा है कि यदि इस बार भी जांच केवल कागजों तक सीमित रही, तो पंचायत व्यवस्था पर भरोसा पूरी तरह खत्म हो जाएगा। शिकायत में जिला स्तरीय जांच समिति गठित कर सभी कार्यों का स्थल निरीक्षण और भौतिक सत्यापन की मांग की गई है। साथ ही यदि किसी भी स्तर पर अधिकारी या कर्मचारी की संलिप्तता पाई जाती है, तो उनके खिलाफ भी वसूली सहित कठोर वैधानिक कार्रवाई की मांग की गई है। अब पूरे मामले में जिला कलेक्टर पद्मिनी भी साहू की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

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