संकीर्तन नंद को मिली बड़ी जिम्मेदारी, कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन के जिला उपसंयोजक बने

सारंगढ़-बिलाईगढ़। जिले के शिक्षक एवं कर्मचारी जगत के लिए गर्व और उत्साह की खबर सामने आई है। छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन के युवा, ऊर्जावान एवं कर्मठ नेता संकीर्तन नंद को छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन, जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ का जिला उपसंयोजक नियुक्त किया गया है। उनकी नियुक्ति के साथ ही जिले भर के शिक्षकों, कर्मचारियों एवं संगठन से जुड़े पदाधिकारियों में खुशी की लहर दौड़ गई है। संकीर्तन नंद लंबे समय से शिक्षक हितों की लड़ाई को मजबूती से उठाते रहे हैं। अपनी सक्रिय कार्यशैली, संगठनात्मक क्षमता और प्रभावशाली नेतृत्व के दम पर उन्होंने प्रदेश स्तर पर एक अलग पहचान बनाई है। प्रदेश संयोजक के रूप में उन्होंने लगभग 1 लाख 8 हजार सहायक शिक्षकों का सफल नेतृत्व कर संगठन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। इसके अलावा प्रदेश सलाहकार एवं प्रदेश महासचिव जैसे महत्वपूर्ण दायित्वों का भी सफलतापूर्वक निर्वहन कर चुके हैं।
जिले में भी उनके नेतृत्व पर भरोसा जताते हुए तीनों ब्लॉकों के पदाधिकारियों ने उन्हें जिला अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी थी। उनके मार्गदर्शन में संगठन लगातार मजबूत हुआ और शिक्षकों की आवाज को मजबूती मिली। यही वजह है कि संगठन के प्रदेश एवं जिला नेतृत्व ने उन पर एक बार फिर विश्वास जताते हुए जिला उपसंयोजक जैसे महत्वपूर्ण पद की जिम्मेदारी सौंपी है।
प्रदेश संयोजक कमल वर्मा, प्रदेश उपाध्यक्ष रवीन्द्र राठौर, प्रदेश सचिव लैलून भारद्वाज एवं जिला संयोजक फकीरा यादव ने उनकी कार्यकुशलता, समर्पण और संगठन के प्रति निष्ठा को देखते हुए यह महत्वपूर्ण दायित्व सौंपा है।

संकीर्तन नंद ने कहा

“संगठन ने मुझ पर जो विश्वास व्यक्त किया है, उस विश्वास पर खरा उतरना मेरी पहली प्राथमिकता होगी। मैं पूरी ईमानदारी, निष्ठा और समर्पण के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करूंगा। कर्मचारियों एवं अधिकारियों को एक मंच पर जोड़कर संगठन को और अधिक मजबूत बनाने का प्रयास किया जाएगा। संगठन की सबसे बड़ी ताकत उसकी एकता है और हम सभी मिलकर इस एकता को और सशक्त बनाएंगे।”
उन्होंने कहा कि कर्मचारी एवं अधिकारी वर्ग की समस्याओं के समाधान, उनके अधिकारों की रक्षा और संगठन की मजबूती के लिए निरंतर संघर्ष जारी रहेगा।
संकीर्तन नंद की यह नियुक्ति केवल एक पद नहीं, बल्कि उनके वर्षों के संघर्ष, नेतृत्व क्षमता और संगठन के प्रति समर्पण का सम्मान है। कर्मचारी और शिक्षक समुदाय को उनसे नई उम्मीदें हैं। माना जा रहा है कि उनके नेतृत्व में फेडरेशन को नई ऊर्जा, नई दिशा और संगठनात्मक मजबूती मिलेगा

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