फर्जी मुकदमों और पत्रकारों पर हमलों के विरोध में छत्तीसगढ़िया पत्रकार महासंघ का प्रदर्शन, डीजीपी व गृह मंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन।
रायपुर/धरसींवा। प्रदेश में पत्रकारों पर बढ़ते हमलों, फर्जी मुकदमों और कथित पुलिसिया प्रताड़ना के विरोध में मंगलवार को छत्तीसगढ़िया पत्रकार महासंघ के बैनर तले धरसींवा में पत्रकारों ने जोरदार प्रदर्शन किया। महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष गजेंद्ररथ गर्व के नेतृत्व में विश्राम गृह से धरसींवा थाना तक आक्रोश रैली निकाली गई। इस दौरान पत्रकारों ने पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने, फर्जी मामलों की निष्पक्ष जांच कराने और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की रक्षा की मांग को लेकर नारेबाजी की। रैली के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस बल भी तैनात रहा।
सभा को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष गजेंद्ररथ गर्व ने कहा कि प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से पत्रकारों पर हमले, झूठे मुकदमे दर्ज करने और उन्हें प्रताड़ित करने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि निष्पक्ष और खोजी पत्रकारिता करने वाले पत्रकारों को साजिशन मामलों में फंसाया जा रहा है। उन्होंने सिलयारी के पत्रकार उस्मान सैफी के खिलाफ दर्ज प्रकरण का उल्लेख करते हुए इसकी निष्पक्ष जांच कराने और न्याय दिलाने की मांग की।
रैली के बाद पत्रकारों का प्रतिनिधिमंडल धरसींवा थाना पहुंचा, जहां सीएसपी लम्बोदर पटेल को पुलिस महानिदेशक एवं गृह मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में पत्रकारों पर दर्ज कथित फर्जी प्रकरणों को वापस लेने, निष्पक्ष जांच कराने तथा प्रदेश में पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने की मांग की गई। महासंघ ने चेतावनी दी कि यदि पत्रकारों के साथ हो रहे कथित अन्याय पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को पूरे प्रदेश में व्यापक स्तर पर चलाया जाएगा।
प्रदर्शन में महासंघ के उपाध्यक्ष पुनीत सोनकर, अब्दुल शमीम, सुधीर तंबोली आजाद, प्रेम सोनी, हेमंत वर्मा, रेणु मिश्रा, सुरेंद्र जैन, मो. याकूब, परमानंद वर्मा, हेमदास बंजारे, प्रेमलाल पाल, दुर्गा बंजारे सहित राजधानी, आरंग, तिल्दा और खरोरा क्षेत्र से बड़ी संख्या में पत्रकार शामिल हुए। सभी ने पत्रकारों की सुरक्षा, सम्मान और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट होकर संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।
