शिवरीनारायण, जांजगीर-चांपा। माता शबरी की पावन नगरी एवं धार्मिक-पौराणिक तीर्थ शिवरीनारायण में छत्तीसगढ़ की पहली भव्य माँ महानदी महाआरती का शुभारंभ नगर पंचायत अध्यक्ष राहुल थवाईत के नेतृत्व में किया गया। महानदी तट स्थित चौपाटी में प्रतिदिन सायंकाल 7 बजे आयोजित होने वाली इस दिव्य आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होकर माँ महानदी का पूजन-अर्चन कर क्षेत्र की सुख, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना कर रहे हैं।
नगर पंचायत अध्यक्ष राहुल थवाईत ने बताया कि महानदी केवल एक नदी नहीं, बल्कि क्षेत्र की आस्था, संस्कृति और जीवन का आधार है। माँ महानदी महाआरती के माध्यम से धार्मिक चेतना, सांस्कृतिक संरक्षण एवं पर्यटन को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है।
माता शबरी की पावन नगरी शिवरीनारायण में आयोजित इस महाआरती का विशेष धार्मिक महत्व है। पुराणों में माँ महानदी का उल्लेख चित्रोत्पला एवं नीलोत्पला नामों से भी मिलता है। आरती के दौरान घाट पर सजे दीपों की मनोहारी छटा, भक्ति संगीत और वैदिक मंत्रोच्चार से संपूर्ण वातावरण भक्तिमय एवं आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर हो जाता है।
महाआरती के अवसर पर नूतेंद्र सिंह, सूरज सिंह, विशेष सिंह एवं दिगंबर सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहे। सभी ने माँ महानदी की आरती में सहभागिता करते हुए धर्म, संस्कृति एवं आध्यात्मिक परंपराओं के संरक्षण का संदेश दिया।
आयोजन समिति द्वारा प्रतिदिन मुख्य यजमान की व्यवस्था की गई है। इच्छुक श्रद्धालु महाआरती प्रभारी एवं वार्ड क्रमांक 14 के पार्षद सतेंद्र केवट से संपर्क कर महाआरती में यजमान बनने का अवसर प्राप्त कर सकते हैं।
समिति ने श्रद्धालुओं से प्लास्टिक का उपयोग कम करने तथा महानदी एवं घाटों की स्वच्छता बनाए रखने की अपील की है। साथ ही सभी श्रद्धालुओं से सपरिवार महाआरती में शामिल होकर पुण्य लाभ अर्जित करने का आग्रह किया गया है।
शिवरीनारायण, जांजगीर-चांपा। माता शबरी की पावन नगरी एवं धार्मिक-पौराणिक तीर्थ शिवरीनारायण में छत्तीसगढ़ की पहली भव्य माँ महानदी महाआरती का शुभारंभ नगर पंचायत अध्यक्ष राहुल थवाईत के नेतृत्व में किया गया। महानदी तट स्थित चौपाटी में प्रतिदिन सायंकाल 7 बजे आयोजित होने वाली इस दिव्य आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होकर माँ महानदी का पूजन-अर्चन कर क्षेत्र की सुख, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना कर रहे हैं।
नगर पंचायत अध्यक्ष राहुल थवाईत ने बताया कि महानदी केवल एक नदी नहीं, बल्कि क्षेत्र की आस्था, संस्कृति और जीवन का आधार है। माँ महानदी महाआरती के माध्यम से धार्मिक चेतना, सांस्कृतिक संरक्षण एवं पर्यटन को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है।
माता शबरी की पावन नगरी शिवरीनारायण में आयोजित इस महाआरती का विशेष धार्मिक महत्व है। पुराणों में माँ महानदी का उल्लेख चित्रोत्पला एवं नीलोत्पला नामों से भी मिलता है। आरती के दौरान घाट पर सजे दीपों की मनोहारी छटा, भक्ति संगीत और वैदिक मंत्रोच्चार से संपूर्ण वातावरण भक्तिमय एवं आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर हो जाता है।
महाआरती के अवसर पर नूतेंद्र सिंह, सूरज सिंह, विशेष सिंह एवं दिगंबर सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहे। सभी ने माँ महानदी की आरती में सहभागिता करते हुए धर्म, संस्कृति एवं आध्यात्मिक परंपराओं के संरक्षण का संदेश दिया।
आयोजन समिति द्वारा प्रतिदिन मुख्य यजमान की व्यवस्था की गई है। इच्छुक श्रद्धालु महाआरती प्रभारी एवं वार्ड क्रमांक 14 के पार्षद सतेंद्र केवट से संपर्क कर महाआरती में यजमान बनने का अवसर प्राप्त कर सकते हैं।
समिति ने श्रद्धालुओं से प्लास्टिक का उपयोग कम करने तथा महानदी एवं घाटों की स्वच्छता बनाए रखने की अपील की है। साथ ही सभी श्रद्धालुओं से सपरिवार महाआरती में शामिल होकर पुण्य लाभ अर्जित करने का आग्रह किया गया है।
