कैरियर गाइडेंस एवं पुस्तकालय परिचय कार्यक्रम से विद्यार्थियों को मिला भविष्य निर्माण का मार्गदर्शन
सारंगढ़ :- सतनामी विकास परिषद, सारंगढ़ के तत्वावधान में रविवार को सतनाम भवन, कुटेला में 12वीं उत्तीर्ण एवं महाविद्यालयीन विद्यार्थियों के लिए कैरियर गाइडेंस एवं पुस्तकालय परिचय कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं, रोजगार एवं कैरियर निर्माण के संबंध में उचित मार्गदर्शन प्रदान करना था। कार्यक्रम में विशेषज्ञ वक्ताओं ने विद्यार्थियों को लक्ष्य निर्धारण, अनुशासित अध्ययन, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी तथा सामाजिक उत्तरदायित्व के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी। इस अवसर पर डॉ. के.डी. खरे (एमबीबीएस, एमएस, एम.च. यूरोलॉजी), डॉ. लीना पुराइन खरे (एमबीबीएस, एमएस, प्रसूति एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ, एफएमएएस, डीएमएएस) तथा संविधान विशेषज्ञ एवं कैरियर मार्गदर्शक विनोद कोशले ने अपने अनुभव साझा करते हुए विद्यार्थियों को सफलता के सूत्र बताए।कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में कर्मन खटकर (सेवानिवृत्त उपसंचालक), सी.एस. सांडे (सेवानिवृत्त कृषि अधिकारी), अधिवक्ता ऊधो राम कोशले, जिला पंचायत सदस्य बिनोद भारद्वाज, बीईओ राम कुमार कोशले, महिला उपाध्यक्ष भानु प्रभा जोलहे, नंद राम सुमन, त्रिरत्न बौद्ध महासंघ के अध्यक्ष बुंद राम कोशले, टी.आर. जांगड़े, शंकर जांगड़े, रोहित निराला, राजेश जांगड़े, बिसेसर खरे, बाबूलाल जांगड़े, सुरेश अनंत, कामेश्वर वारे, देव प्रकाश जोलहे, विजय हिरवानी, कमल बर्मन, अरुण लक्ष्मे एवं शोभाराम लक्ष्मे सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। इस अवसर पर परिषद द्वारा सतनाम भवन, कुटेला में स्थापित पुस्तकालय का परिचय भी कराया गया। परिषद ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए विभिन्न विषयों की उपयोगी एवं गुणवत्तापूर्ण पुस्तकों की व्यवस्था की है, जिससे समाज के विद्यार्थी अध्ययन सामग्री का लाभ लेकर विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त कर सकें । वक्ताओं ने विद्यार्थियों से नियमित अध्ययन, वैज्ञानिक सोच एवं भारतीय संविधान के मूल्यों को अपनाने का आह्वान करते हुए भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर के शिक्षा संबंधी प्रेरक विचारों का उल्लेख किया और कहा कि शिक्षा ही समाज के उत्थान एवं सशक्तिकरण का सबसे प्रभावी माध्यम है। कार्यक्रम की अध्यक्षता सतनामी विकास परिषद के अध्यक्ष बी.डी. भारद्वाज ने की। परिषद ने समाज के अभिभावकों एवं युवाओं से पुस्तकालय का अधिकतम उपयोग करने तथा भविष्य में आयोजित होने वाले शैक्षणिक एवं मार्गदर्शन कार्यक्रमों में सक्रिय सहभागिता की अपील की।
