कलेक्टर कार्यालय का नोटिस सार्वजनिक, 3 दिन में दस्तावेज पेश करने अल्टीमेटम; जांच तेज
मुंगेली। जिले में अवैध खनिज उत्खनन, रेत भंडारण और रॉयल्टी चोरी के मामले में बिहान छत्तीसगढ़ अखबार में खबर प्रकाशित होने के बाद प्रशासन पूरी तरह हरकत में आ गया है। मीडिया में मामला उजागर होने के बाद कलेक्टर कार्यालय (खनिज शाखा) द्वारा जारी आधिकारिक नोटिस अब सार्वजनिक हो गया है, जिससे अवैध खनन से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया है। प्रशासनिक हलकों में इसे मीडिया की सजग भूमिका और त्वरित प्रशासनिक प्रतिक्रिया का बड़ा उदाहरण माना जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, खबर प्रकाशित होने के बाद कलेक्टर कार्यालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल प्राथमिक रिपोर्ट तलब की। इसके बाद खनिज विभाग, पुलिस और जिला उड़नदस्ता दल ने संयुक्त रूप से कार्रवाई तेज करते हुए संबंधित स्थल की जांच प्रक्रिया को आगे बढ़ाया।
अमजिरिया में भारी मात्रा में मिला रेत भंडारण
जानकारी के अनुसार, 28 जून 2026 को जिला उड़नदस्ता दल एवं खनिज शाखा की टीम ने ग्राम अमजिरिया, तहसील मुंगेली स्थित संदिग्ध स्थल पर औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान वहां बड़ी मात्रा में रेत एवं अन्य खनिज सामग्री का भंडारण पाया गया, जिसका उपयोग निर्माण कार्यों में किया जा रहा था।
जब टीम ने मौके पर मौजूद संबंधित पक्ष से रेत के स्रोत, परिवहन और रॉयल्टी भुगतान से जुड़े दस्तावेज मांगे, तो कोई वैध अभिलेख प्रस्तुत नहीं किया जा सका। मौके पर रॉयल्टी पर्ची, परिवहन चालान या स्वीकृत खदान से खरीद के दस्तावेज उपलब्ध नहीं होने से अवैध भंडारण की आशंका और गहरा गई।
कलेक्टर कार्यालय का नोटिस आया सामने
कलेक्टोरेट परिसर स्थित खनिज शाखा, रूम नंबर 222-223 से जारी नोटिस में संबंधित व्यक्ति को तीन दिनों के भीतर वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है। नोटिस में स्पष्ट उल्लेख है कि संबंधित पक्ष को 2 जुलाई 2026 तक खनिज अधिकारी के समक्ष उपस्थित होकर उत्खनन, भंडारण, क्रय-विक्रय और परिवहन से जुड़े सभी मूल दस्तावेज जमा करने होंगे।
इसके साथ ही स्वीकृत खदान, क्रशर, चिमनी भट्ठा अथवा अन्य वैध स्रोतों से संबंधित अभिलेख भी प्रस्तुत करने को कहा गया है। विभाग ने इसे अंतिम अवसर बताते हुए सख्त चेतावनी दी है।
दस्तावेज नहीं तो होगी एकपक्षीय कार्रवाई
नोटिस में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि यदि 03 दिवस के भीतर खनिज की वैधता सिद्ध करने वाले दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए, तो विभाग संबंधित पक्ष के खिलाफ एकपक्षीय दंडात्मक कार्रवाई करेगा। इस कार्रवाई में भारी जुर्माना, खनिज जब्ती, राजस्व वसूली और अन्य कानूनी कार्रवाई शामिल हो सकती है। अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि कार्रवाई से उत्पन्न होने वाले सभी कानूनी और वित्तीय परिणामों की जवाबदेही संबंधित व्यक्ति की होगी।
खनिज इंस्पेक्टर ने क्या कहा
खनिज इंस्पेक्टर विक्की दास मानिकपुरी ने बताया कि विभाग फिलहाल दस्तावेजों के परीक्षण की प्रक्रिया में है। उन्होंने कहा कि अभी कोई अंतिम आदेश जारी नहीं किया गया है और दस्तावेजों के अवलोकन के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी। उनके अनुसार, यदि प्रस्तुत दस्तावेज वैध नहीं पाए गए तो नियमानुसार कठोर कार्रवाई तय है।
माफियाओं में बढ़ी बेचैनी, आगे और खुलासे संभव
बिहान छत्तीसगढ़ में खबर प्रकाशित होने और नोटिस सार्वजनिक होने के बाद जिले में सक्रिय रेत एवं खनिज माफियाओं के बीच खलबली तेज हो गई है। स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि प्रशासन निष्पक्ष जांच करता है तो जिले में लंबे समय से चल रहे अवैध खनन नेटवर्क के कई बड़े नाम सामने आ सकते हैं।
अब पूरे जिले की निगाहें 2 जुलाई पर टिकी हैं। उम्मीद की जा रही है कि दस्तावेजों की जांच के बाद प्रशासन इस मामले में बड़ा फैसला ले सकता है। यह कार्रवाई स्पष्ट संकेत दे रही है कि मुंगेली में अवैध खनन और रॉयल्टी चोरी पर अब प्रशासन का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है।
