बिलों के भुगतान में देरी से बढ़ी नाराजगी, आर्थिक संकट का हवाला देकर ठेकेदारों ने विभाग पर वादाखिलाफी का लगाया आरोप।
राजधानी रायपुर में सोमवार को लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (पीएचई) विभाग के मुख्यालय नीर भवन के बाहर ठेकेदारों ने लंबित भुगतान को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में पहुंचे ठेकेदारों ने विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आरोप लगाया कि महीनों से उनके बिलों का भुगतान नहीं किया गया है। उनका कहना है कि बार-बार मांग और अधिकारियों से चर्चा के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो रहा, जिससे उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा।
प्रदर्शन कर रहे ठेकेदारों ने बताया कि उन्होंने ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में पेयजल योजनाओं तथा जल जीवन मिशन के तहत सौंपे गए निर्माण कार्य समय पर पूरे कर दिए हैं। इसके बावजूद विभाग की ओर से उनके कार्यों का भुगतान लंबित है। भुगतान नहीं मिलने से छोटे और मध्यम श्रेणी के ठेकेदार सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं।
ठेकेदारों का कहना है कि आर्थिक संकट लगातार गहराता जा रहा है। मजदूरों की मजदूरी, निर्माण सामग्री उपलब्ध कराने वाले सप्लायरों का भुगतान, मशीनों का किराया, कर्मचारियों का वेतन और बैंकों की किस्तें चुकाना मुश्किल हो गया है। कई ठेकेदारों ने दावा किया कि यदि जल्द भुगतान नहीं हुआ तो उनके सामने काम बंद करने की नौबत आ जाएगी।
प्रदर्शनकारियों ने विभागीय अधिकारियों पर वादा पूरा नहीं करने का आरोप भी लगाया। उनका कहना है कि अधिकारियों ने 30 जून तक लंबित राशि जारी करने का आश्वासन दिया था, लेकिन तय समय बीतने के बाद भी भुगतान नहीं हुआ। इससे ठेकेदारों में नाराजगी और बढ़ गई तथा उन्होंने मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन शुरू कर दिया।
प्रदर्शन के दौरान नीर भवन परिसर के बाहर कुछ समय के लिए स्थिति तनावपूर्ण रही। वहीं, सुभाष स्टेडियम से कटोरा तालाब जाने वाले मार्ग पर यातायात प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए पुलिस ने अतिरिक्त बल तैनात किया और वाहनों का रूट डायवर्ट कर व्यवस्था बनाए रखी।
प्रदर्शनकारी ठेकेदारों ने चेतावनी दी कि यदि लंबित भुगतान शीघ्र जारी नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी विभागीय प्रशासन की होगी।
