महिला ऋण योजना में 1.11 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का खुलासा, 24 घंटे में दो आरोपी गिरफ्तार

267 महिला ग्राहकों की राशि के कथित गबन का मामला, अन्य आरोपियों की तलाश जारी

दुर्ग, 06 जुलाई 2026। दुर्ग जिले के धमधा थाना क्षेत्र में महिलाओं को ऋण उपलब्ध कराने की योजना में 1 करोड़ 11 लाख 93 हजार 173 रुपये की कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घटना के 24 घंटे के भीतर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है। मामले में अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है।

ऑडिट में उजागर हुई करोड़ों की अनियमितता

पुलिस के अनुसार 4 जुलाई 2026 को सेव फाइनेंशियल मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड के प्रतिनिधि अशोक कुमार वर्मा ने थाना धमधा में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में बताया गया कि कंपनी का सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक के साथ महिलाओं को ऋण उपलब्ध कराने का अनुबंध है।

कंपनी द्वारा कराए गए ऑडिट के दौरान धमधा शाखा में गंभीर वित्तीय अनियमितताएं सामने आईं। जांच में पता चला कि महिला ग्राहकों से वसूली गई ऋण किस्तों और लोन क्लोजर की राशि कंपनी के खाते में जमा नहीं की गई।

267 महिला ग्राहकों की राशि का कथित गबन

प्रारंभिक जांच में सामने आया कि शाखा प्रबंधन एवं कर्मचारियों ने कथित रूप से आपराधिक षड्यंत्र के तहत 267 महिला ग्राहकों से प्राप्त 1 करोड़ 11 लाख 93 हजार 173 रुपये की राशि कंपनी में जमा करने के बजाय उसका गबन कर लिया।

24 घंटे में पुलिस की बड़ी कार्रवाई

मामले की गंभीरता को देखते हुए धमधा पुलिस ने तत्काल जांच प्रारंभ की। उपलब्ध दस्तावेजों, वित्तीय रिकॉर्ड एवं अन्य साक्ष्यों के आधार पर दो संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पुलिस के अनुसार पूछताछ में दोनों ने अपराध में अपनी संलिप्तता स्वीकार की, जिसके बाद उन्हें विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।

गिरफ्तार आरोपी

पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों में—

  • अनिल विश्वकर्मा (23 वर्ष), निवासी साजा, जिला बेमेतरा।
  • संदीप कुमार खूंटीहरे (31 वर्ष), निवासी पाटन, जिला दुर्ग।

शामिल हैं।

अन्य आरोपियों की तलाश जारी

पुलिस ने बताया कि इस मामले में अन्य लोगों की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है।

इन धाराओं के तहत दर्ज हुआ मामला

धमधा थाना में अपराध क्रमांक 176/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 316(5), 318(4) एवं 61(2) के अंतर्गत प्रकरण दर्ज कर विस्तृत विवेचना की जा रही है।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले में वित्तीय दस्तावेजों, बैंकिंग रिकॉर्ड एवं डिजिटल साक्ष्यों का गहन परीक्षण किया जा रहा है। जांच में यदि अन्य व्यक्तियों की संलिप्तता सामने आती है, तो उनके विरुद्ध भी नियमानुसार कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

यह मामला महिलाओं के वित्तीय सशक्तिकरण से जुड़ी योजनाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही की आवश्यकता को एक बार फिर रेखांकित करता है। पुलिस का कहना है कि आर्थिक अपराधों में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

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