सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के ग्राम ग्वालीनडीह में संचालित एक कथित निवेश योजना को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। गांव की कई महिलाओं ने थाना सारंगढ़ में लिखित शिकायत देकर आरोप लगाया है कि “छत्तीसगढ़ युवा समाज सुधार समिति” एवं “नारी रक्षा सम्मान निधि योजना” के नाम पर उन्हें दोगुना मुनाफा, बैंक ऋण की किश्त संस्था द्वारा जमा करने और अतिरिक्त आर्थिक सहायता का भरोसा देकर लाखों रुपये निवेश कराए गए। अब न तो जमा राशि वापस मिल रही है और न ही किश्तें जमा होने का दावा पूरा हो रहा है। मामले की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
शिकायत के अनुसार, महिलाओं को विभिन्न माइक्रो फाइनेंस संस्थाओं से ऋण दिलाने के बाद निवेश के लिए प्रेरित किया गया। आरोप है कि 20 से 24 माह में राशि दोगुनी होने का भरोसा दिलाया गया, जिससे प्रभावित होकर कई महिलाओं ने ₹35 हजार से लेकर ₹2 लाख तक की राशि निवेश कर दी। इनमें कई महिलाओं ने माइक्रो फाइनेंस से ऋण लिया, जबकि कुछ ने धान बिक्री से प्राप्त रकम और वर्षों की बचत भी योजना में लगा दी।
शिकायतकर्ताओं का दावा है कि अधिकांश मामलों में नकद राशि ली गई, लेकिन उसके बदले विधिवत रसीद नहीं दी गई। कुछ लोगों को केवल स्टाम्प पेपर दिए गए। अब निवेशकों का आरोप है कि राशि वापस नहीं मिल रही है और माइक्रो फाइनेंस की किश्तों का भुगतान भी नहीं हो रहा, जिससे कई परिवार आर्थिक संकट में हैं।
ग्रामीणों ने यह भी मांग की है कि ऋण उपलब्ध कराने की पूरी प्रक्रिया और उसमें शामिल सभी पक्षों की निष्पक्ष जांच की जाए। हालांकि, किसी भी माइक्रो फाइनेंस संस्था या उसके कर्मचारियों की भूमिका की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। यह पहलू पुलिस जांच का विषय है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक निमिषा पाण्डेय ने बताया कि महिलाओं की शिकायत प्राप्त हुई है। पूरे मामले की जांच की जा रही है। यदि जांच में ठगी या अन्य अपराध के पर्याप्त साक्ष्य मिलते हैं तो नियमानुसार अपराध दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जाएगी।
