5 साल बाद भी अधूरा महिला सुरक्षा कर्मी भवन, न सेप्टिक टैंक बना, न पानी की सुविधा..

सारंगढ़-बिलाईगढ़// आदिवासी विकास विभाग के तहत संचालित साल्हेओना शासकीय कन्या छात्रावास में महिला सुरक्षा कर्मी के लिए बनाया गया आवासीय भवन पांच साल बाद भी अधूरा पड़ा है। वर्ष 2020 में कोरोना काल के दौरान शुरू हुए इस निर्माण कार्य में आज तक कई जरूरी सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई गई हैं। नतीजतन महिला सुरक्षा कर्मी को बुनियादी सुविधाओं के अभाव में रहने को मजबूर होना पड़ रहा है।

सेप्टिक टैंक और पानी की व्यवस्था नहीं

जानकारी के अनुसार भवन में किचन, बाथरूम और शौचालय का निर्माण तो कर दिया गया, लेकिन शौचालय के लिए सेप्टिक टैंक नहीं बनाया गया। इसके अलावा भवन में पानी की कोई स्थायी व्यवस्था भी नहीं है। ऐसे में भवन होने के बावजूद उसका सही तरीके से उपयोग नहीं हो पा रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण एजेंसी ने अधूरा काम छोड़ दिया और उपयोगिता प्रमाणपत्र लेने के बाद वापस नहीं लौटी। इसके कारण महिला सुरक्षा कर्मी को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए काफी परेशानी उठानी पड़ रही है।

हर साल शिकायत, फिर भी समाधान नहीं

छात्रावास प्रबंधन का कहना है कि भवन की अधूरी स्थिति की जानकारी हर वर्ष संबंधित विभाग को दी जाती रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। पांच वर्ष बीत जाने के बाद भी निर्माण कार्य पूरा नहीं होने से विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।

सूचना बोर्ड तक नहीं लगाया गया

ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण कार्य के दौरान नियमानुसार सूचना बोर्ड भी नहीं लगाया गया। इससे यह जानकारी सार्वजनिक नहीं हो सकी कि निर्माण किस एजेंसी ने किया, कितनी लागत आई और कार्य कब तक पूरा होना था। भवन की कई खिड़कियों में अब तक दरवाजे भी नहीं लगाए गए हैं, जिससे निर्माण गुणवत्ता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

निरीक्षण और मॉनिटरिंग पर भी सवाल

स्थानीय लोगों का आरोप है कि छात्रावास भवनों की नियमित निगरानी नहीं की जा रही है। विभागीय इंजीनियरों द्वारा समय-समय पर निरीक्षण नहीं होने के कारण अधूरे निर्माण वर्षों से ऐसे ही पड़े हुए हैं। इसका खामियाजा यहां रहने वाले कर्मचारियों को भुगतना पड़ रहा है।

सहायक आयुक्त ने जांच का दिया आश्वासन

इस संबंध में आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त बद्रीश सुखदेवे ने कहा, “यदि ऐसी स्थिति है तो जांच के लिए टीम भेजी जाएगी।” अब देखना होगा कि विभागीय जांच के बाद अधूरे भवन को पूरा कराने और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए कब तक कार्रवाई होती है। फिलहाल पांच साल बाद भी महिला सुरक्षा कर्मी बुनियादी सुविधाओं से वंचित होकर रहने को मजबूर हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!