बठिंडा। राष्ट्रीय महिला आयोग की माननीय अध्यक्ष श्रीमती विजया रहाटकर ने बठिंडा में वरिष्ठ जिला प्रशासन एवं पुलिस अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इस बैठक का उद्देश्य महिलाओं की सुरक्षा एवं सशक्तिकरण से संबंधित प्रमुख कानूनी एवं संस्थागत व्यवस्थाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा करना था।
बैठक के दौरान आयोग की अध्यक्ष ने निम्नलिखित बिंदुओं पर विशेष जोर दिया:
- घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम के अंतर्गत संरक्षण अधिकारियों की अनिवार्य नियुक्ति सुनिश्चित की जाए।
- कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न (रोकथाम, प्रतिषेध एवं निवारण) अधिनियम, 2013 का कड़ाई से पालन किया जाए तथा 10 या उससे अधिक कर्मचारियों वाले सभी संस्थानों में आंतरिक शिकायत समिति का गठन अनिवार्य रूप से किया जाए।
- पुलिस कर्मियों के लिए नियमित रूप से लैंगिक संवेदनशीलता संबंधी प्रशिक्षण आयोजित किए जाएँ।
- महिलाओं से संबंधित कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन एवं शिकायतों के त्वरित निवारण हेतु जिला प्रशासन एवं पुलिस के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए।
राष्ट्रीय महिला आयोग ने महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान एवं गरिमा सुनिश्चित करने के लिए संस्थागत जवाबदेही को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा संबंधित कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
