मुंगेली नगर पालिका में ₹5 करोड़ के गौरव पथ निर्माण पर उठे सवाल, पार्षद ने ठेकेदार पर कार्रवाई की मांग

निर्माण कार्य में लापरवाही का आरोप, अनुबंध निरस्त कर ब्लैकलिस्ट करने की उठी मांग

मुंगेली । मुंगेली नगर पालिका परिषद के लगभग ₹5 करोड़ की लागत से निर्माणाधीन गौरव पथ को लेकर एक बार फिर विवाद खड़ा हो गया है। नगर पालिका की पार्षद विजयलक्ष्मी अवधेश शुक्ला ने मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) को लिखित शिकायत सौंपते हुए निर्माण एजेंसी पर गंभीर लापरवाही और अनुबंध की शर्तों के उल्लंघन का आरोप लगाया है। उन्होंने निर्माण कार्य की धीमी गति पर नाराजगी जताते हुए संबंधित ठेकेदार के विरुद्ध अनुबंध निरस्त करने तथा आवश्यक होने पर ब्लैकलिस्ट करने की मांग की है।

शिकायत पत्र के अनुसार नगर पालिका परिषद क्षेत्र में लगभग 5 करोड़ रुपये की लागत से गौरव पथ का निर्माण कार्य चल रहा है। आरोप है कि निर्माण एजेंसी निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्य पूरा नहीं कर सकी है और कार्य की प्रगति अत्यंत धीमी एवं असंतोषजनक है। इसके कारण आम नागरिकों को रोजाना आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

पार्षद ने अपने आवेदन में कहा है कि निर्माण कार्य में हो रही देरी से न केवल स्थानीय लोगों को असुविधा हो रही है, बल्कि शासन और नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने इसे अनुबंध की शर्तों का स्पष्ट उल्लंघन बताते हुए संबंधित ठेकेदार को तत्काल कारण बताओ नोटिस जारी करने की मांग की है।

अनुबंध निरस्त करने और कानूनी कार्रवाई की मांग

शिकायत में कहा गया है कि यदि ठेकेदार संतोषजनक जवाब देने में असफल रहता है तो नियमानुसार उसका अनुबंध (टेंडर) निरस्त किया जाए। साथ ही कार्य में लापरवाही और विलंब के लिए दंडात्मक एवं वैधानिक कार्रवाई की जाए। पार्षद ने यह भी मांग की है कि आवश्यकता पड़ने पर संबंधित निर्माण एजेंसी को भविष्य की निविदाओं से वंचित करते हुए ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया भी शुरू की जाए।

आम जनता को हो रही परेशानी

गौरव पथ निर्माण कार्य की धीमी गति के कारण सड़क पर धूल, कीचड़ और आवागमन की समस्या लगातार बनी हुई है। बरसात के मौसम में स्थिति और अधिक खराब हो गई है, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण कार्य में तेजी लाकर इसे जल्द पूरा किया जाना चाहिए।

नगर पालिका के सामने जवाबदेही का सवाल

पार्षद द्वारा लिखित शिकायत दिए जाने के बाद अब यह मामला नगर पालिका प्रशासन के लिए परीक्षा की घड़ी बन गया है। यदि शिकायत में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित निर्माण एजेंसी के खिलाफ अनुबंध की शर्तों के अनुरूप कार्रवाई की जा सकती है।

पार्षद प्रतिनिधि आयुष शुक्ला ने कहा कि “लगभग पांच करोड़ रुपये की इस महत्वपूर्ण परियोजना में लगातार लापरवाही बरती जा रही है। निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूरा नहीं होने से आम नागरिकों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। बरसात के दौरान सड़क की स्थिति और खराब हो गई है। हमने नगर पालिका प्रशासन से मांग की है कि निर्माण एजेंसी को तत्काल कारण बताओ नोटिस जारी कर अनुबंध की शर्तों के अनुसार कार्रवाई की जाए। यदि ठेकेदार संतोषजनक जवाब नहीं देता है तो उसका अनुबंध निरस्त कर ब्लैकलिस्ट किया जाए। जनता के पैसे से होने वाले विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए।”

मुख्य नगर पालिका अधिकारी होरी सिंह ठाकुर ने कहा कि गौरव पथ निर्माण कार्य की निर्धारित समय-सीमा समाप्त हो चुकी है, इसलिए संबंधित ठेकेदार को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि अनुबंध की शर्तों के अनुसार भुगतान में कटौती की कार्रवाई की जाएगी। सीएमओ ने कहा कि कार्य में देरी का एक कारण शासन स्तर पर डामर की उपलब्धता में आई समस्या रही, वहीं ठेकेदार की लापरवाही भी सामने आई है। उन्होंने बताया कि ठेकेदार को सड़क की तत्काल मरम्मत के निर्देश दिए गए हैं। पार्षद द्वारा लगाए गए आरोप प्रथम दृष्टया सही प्रतीत होते हैं, जिनकी जांच कर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

जिला कांग्रेस कमेटी मुंगेली के अध्यक्ष घनश्याम वर्मा ने कहा कि लगभग 5 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे गौरव पथ का कार्य शुरू से ही विवादों में रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि निर्माण कार्य में भारी लापरवाही बरती जा रही है, जिसके कारण आम नागरिकों को रोजाना धूल, कीचड़ और जाम जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि यदि ठेकेदार निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूरा करने में विफल रहा है, तो नगर पालिका को केवल नोटिस जारी करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि अनुबंध की शर्तों के अनुसार सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। श्री वर्मा ने मांग की कि निर्माण कार्य की तकनीकी गुणवत्ता की स्वतंत्र जांच कराई जाए और यदि अनियमितता या गुणवत्ता में कमी पाई जाती है तो संबंधित ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट कर उसके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर पालिका प्रशासन की ढिलाई के कारण परियोजना लगातार विलंबित हो रही है और जनता को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। वर्मा ने कहा कि कांग्रेस इस मामले की निगरानी करेगी और यदि समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निर्माण नहीं हुआ तो जनहित में आंदोलन करने पर भी विचार किया जाएगा।

सूरज यादव वार्ड पार्षद ने कहा कि मुंगेली शहर का गौरव पथ का स्थिति बहुत ही खराब है समय सीमा पूर्ण होने के बाद भी कार्य नहीं हो पाया है गौरव पथ का कार्य पुण्य रूप से बंद है व्यापारी वार्ड वाशी बहुत ही परेशान है बारिश होने पर नाली का पानी पुरा वार्ड में घुस रहे व्यापारियों की दुकान में घुस रहा हैऐसे ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करना चाहिए न कि उनको संरक्षण देना चाहिए ठेकेदार तभी मनमानी कर सकता जब उनको शासन प्रशासन दोनों से सहयोग मिल रहा होगा
हमारी मांग है ऐसे ठेकेदार को तुरंत ब्लैकलिस्ट करे और पुनः काम सुचारू रूप से चले

गौरव पथ निर्माण कार्य के ठेकेदार अशोक तिवारी ने कहा कि परियोजना में केवल डामरीकरण का कार्य शेष है, जबकि लाइट, फुटपाथ, स्कल्पचर और अन्य अधिकांश कार्य पूरे हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि पूरे प्रदेश में डामर की आपूर्ति प्रभावित होने से कार्य में देरी हुई। साथ ही निर्माण सामग्री की कीमतों में भारी वृद्धि से लागत लगभग ₹74 लाख से बढ़कर ₹1.69 करोड़ हो गई है, जबकि इस परियोजना में रेट एस्केलेशन का लाभ नहीं मिल रहा। उन्होंने कहा कि यदि सरकार अक्टूबर में रेट एस्केलेशन स्वीकृत करती है, तो 15-20 दिनों में डामरीकरण पूरा कर दिसंबर तक गौरव पथ तैयार कर दिया जाएगा।

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