बस्तर के स्कूलों में साइबर सुरक्षा, ‘साइबर स्क्वाड’ और पॉक्सो जागरूकता अभियान चलाने का प्रस्ताव, NHRCCB BASTAR ने पुलिस अधीक्षक शलभ कुमार सिन्हा को सौंपा ज्ञापन

जगदलपुर
राष्ट्रीय मानवाधिकार व अपराध नियंत्रण ब्यूरो (एनएचआरसीसीबी), NHRCCB के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ रणधीर कुमार एवं छत्तीसगढ़ राज्य के प्रदेश अध्यक्ष डॉ जतिनद्रपाल सिंग जी के मार्गदर्शन पर बस्तर संभाग ने जिले के विद्यार्थियों को साइबर अपराधों से सुरक्षित रखने और बाल संरक्षण संबंधी जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक शलभ कुमार सिन्हा को विस्तृत प्रस्ताव सौंपा है। प्रस्ताव में जिले के सभी शासकीय, निजी एवं सीबीएसई स्कूलों में संयुक्त रूप से साइबर सुरक्षा जागरूकता अभियान, छात्र-नेतृत्व वाले “साइबर स्क्वाड” का गठन तथा कक्षा 6वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए प्रभावी पॉक्सो प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित करने का आग्रह किया गया है।

प्रस्ताव में कहा गया है कि हाल के समय में स्कूलों के प्राचार्यों एवं विभिन्न हितधारकों से चर्चा के दौरान यह सामने आया कि विद्यार्थियों के बीच सोशल मीडिया का दुरुपयोग, साइबर बुलिंग, ऑनलाइन मानहानि, डिजिटल उत्पीड़न तथा अन्य साइबर अपराधों की घटनाएं बढ़ रही हैं। कई छात्र अनजाने में ऐसे कार्यों में शामिल हो जाते हैं, जिनके गंभीर मानसिक, सामाजिक और कानूनी परिणाम सामने आते हैं। संस्था का मानना है कि समय रहते जागरूकता और मार्गदर्शन से ऐसी घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।

राष्ट्रीय मानवाधिकार व अपराध नियंत्रण ब्यूरो (एनएचआरसीसीबी) ने प्रस्ताव में पुलिस विभाग के साथ मिलकर जिलेभर के स्कूलों में साइबर जागरूकता एवं व्यक्तित्व निर्माण शिविर आयोजित करने की बात कही है। इन कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को सुरक्षित इंटरनेट उपयोग, डिजिटल नैतिकता, साइबर बुलिंग के दुष्प्रभाव, ऑनलाइन सुरक्षा, सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अधिनियम तथा भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के प्रासंगिक कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी जाएगी। संस्था ने बताया कि उसके प्रशिक्षित विशेषज्ञ, शिक्षाविद एवं विधिक जानकार इन कार्यक्रमों के संचालन के लिए तैयार हैं।

प्रस्ताव का एक महत्वपूर्ण हिस्सा प्रत्येक विद्यालय में छात्र-नेतृत्व वाले “साइबर स्क्वाड” के गठन से जुड़ा है। यह स्क्वाड पुलिस साइबर सेल एवं संस्था के मार्गदर्शन में कार्य करेगा। इसका उद्देश्य स्कूल स्तर पर साइबर बुलिंग, ऑनलाइन उत्पीड़न और संदिग्ध डिजिटल गतिविधियों की प्रारंभिक पहचान करना, विद्यार्थियों को जागरूक करना तथा आवश्यकता पड़ने पर संबंधित अधिकारियों तक गोपनीय रूप से जानकारी पहुंचाना होगा, ताकि छोटे मामलों को गंभीर अपराध बनने से पहले रोका जा सके।

संस्था ने पॉक्सो अधिनियम के तहत जागरूकता कार्यक्रमों को केवल औपचारिक प्रक्रिया तक सीमित न रखकर व्यवहारिक और प्रभावी प्रशिक्षण देने पर भी जोर दिया है। प्रस्ताव के अनुसार विद्यार्थियों को उनके अधिकारों, व्यक्तिगत सुरक्षा, अनुचित स्पर्श की पहचान, सुरक्षित व्यवहार तथा शिकायत और रिपोर्टिंग की प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी जाएगी। संस्था ने भरोसा दिलाया है कि उसके प्रशिक्षक, काउंसलर और विधिक स्वयंसेवक यह पूरा सहयोग निःशुल्क उपलब्ध कराएंगे।

ज्ञापन में पुलिस अधीक्षक शलभ कुमार सिन्हा से समय उपलब्ध कराकर विस्तृत कार्ययोजना पर चर्चा करने का अनुरोध भी किया गया है, ताकि पुलिस विभाग और संस्था के संयुक्त प्रयास से जिले के स्कूलों में इन कार्यक्रमों का प्रभावी संचालन शुरू किया जा सके। संस्था का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य बस्तर के बच्चों के लिए सुरक्षित डिजिटल वातावरण तैयार करना और उन्हें साइबर एवं लैंगिक अपराधों के प्रति जागरूक बनाना है।

पत्र सौंपने के दौरान राष्ट्रीय मानवाधिकार व अपराध नियंत्रण ब्यूरो (एनएचआरसीसीबी) के संभाग अध्यक्ष जगमोहन सोनी, सचिव अक्षय देशमुख, मीडिया प्रभारी रवि राज पटनायक, उपाध्यक्ष द्वय नवीन एक्का एवं प्रेमदास माणिकपुरी सहित अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।

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