संभागायुक्त, कलेक्टर और डीएफओ ने किया पौधारोपण, हरित मुंगेली के लिए जनभागीदारी का आह्वान
मुंगेली। पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने के उद्देश्य से जिले में ‘एक पेड़ मां के नाम’ वृक्षारोपण महाअभियान की शुरुआत गुरुवार को गीधा बायपास से हुई। बिलासपुर संभागायुक्त सुनील जैन ने एक दिवसीय प्रवास के दौरान गीधा बायपास पहुंचकर अमलतास का पौधा रोपित किया और लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनकी देखभाल का संकल्प लेने का आह्वान किया।
इस अवसर पर संभागायुक्त ने कहा कि वृक्षारोपण केवल औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और सुरक्षित पर्यावरण देने का संकल्प है। उन्होंने कहा कि यदि हर नागरिक अपनी मां के सम्मान में एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल करे, तो यह अभियान पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ा जनआंदोलन बन सकता है।
उन्होंने कहा कि सड़कों के किनारे विकसित होने वाला हरित आवरण न केवल प्रदूषण को कम करेगा, बल्कि पारिस्थितिक संतुलन को मजबूत करने के साथ नागरिकों को स्वच्छ और सुखद वातावरण भी उपलब्ध कराएगा। बढ़ते तापमान और पर्यावरणीय चुनौतियों के बीच वृक्षारोपण सबसे प्रभावी उपायों में से एक है।
कलेक्टर कुंदन कुमार ने कहा कि जिले को हरित, स्वच्छ और पर्यावरणीय दृष्टि से समृद्ध बनाने के उद्देश्य से गीधा बायपास पर अमलतास के पौधों का रोपण किया जा रहा है। आने वाले वर्षों में जब ये पौधे विकसित होंगे और गर्मी के मौसम में सुनहरे फूलों से लद जाएंगे, तब यह मार्ग मुंगेली की नई पहचान बनेगा। उन्होंने नागरिकों से पौधारोपण के साथ-साथ पौधों के संरक्षण की जिम्मेदारी निभाने की भी अपील की।
वनमंडलाधिकारी अभिनव कुमार ने बताया कि अभियान के तहत अमलतास का चयन विशेष रूप से उसकी सुंदरता और पर्यावरणीय महत्व को ध्यान में रखते हुए किया गया है। उन्होंने कहा कि अमलतास के वृक्ष गर्मियों में अपने आकर्षक पीले फूलों से पूरे मार्ग को मनोहारी स्वरूप प्रदान करेंगे और हरित वातावरण को बढ़ावा देंगे।
कार्यक्रम में अतिरिक्त कलेक्टर निष्ठा पाण्डेय तिवारी, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी गोकुल रावटे, जिला प्रशासन एवं वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, बड़ी संख्या में स्कूली छात्र-छात्राएं तथा स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया और लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल एवं संरक्षण का संकल्प लिया।
जिला प्रशासन का मानना है कि जनभागीदारी के बिना हरित अभियान सफल नहीं हो सकता। इसी उद्देश्य से जिले में विभिन्न स्थानों पर व्यापक स्तर पर पौधारोपण कराया जाएगा, ताकि पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर और स्वच्छ वातावरण सुनिश्चित किया जा सके।
