सरसींवा/सारंगढ़-बिलाईगढ़। राज्य शासन द्वारा स्कूल शिक्षा विभाग में शिक्षकों एवं कर्मचारियों के संलग्नीकरण (अटैचमेंट) को समाप्त कर उन्हें उनके मूल विद्यालयों में वापस भेजने के निर्णय का ग्राम पंचायत भिनोदा के ग्रामीणों ने स्वागत किया है। ग्रामीणों ने इसे विद्यार्थियों के हित में लिया गया महत्वपूर्ण फैसला बताते हुए शासन, प्रशासन एवं स्कूल शिक्षा विभाग के प्रति आभार व्यक्त किया।
शासन के आदेश के बाद रामचरण सोनवानी (सहायक शिक्षक) एवं मीना जांगड़े (प्रधान पाठक) की उनके मूल विद्यालय में वापसी सुनिश्चित हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि इससे विद्यालय में लंबे समय से चली आ रही शिक्षकों की कमी दूर होगी और बच्चों की पढ़ाई नियमित रूप से संचालित हो सकेगी।
ग्रामीणों के अनुसार, भिनोदा के प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों में सैकड़ों विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, लेकिन लंबे समय से शिक्षकों की कमी बनी हुई थी। इस दौरान एक शिक्षक विधायक के निज सहायक के रूप में कार्यरत थे, जबकि माध्यमिक शाला के प्रधान पाठक का संलग्नीकरण स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिंदी/अंग्रेजी माध्यम विद्यालय (सेजेस) सरसींवा में किया गया था। इससे विद्यालय में शिक्षण व्यवस्था प्रभावित हो रही थी।
स्थिति इतनी गंभीर थी कि पिछले वर्ष ग्रामीणों ने स्वयं चंदा एकत्र कर तीन शिक्षकों की व्यवस्था की, ताकि बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो और उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।
ग्रामीणों ने कहा कि शिक्षक यदि अपने मूल विद्यालय में रहकर विद्यार्थियों को पढ़ाएंगे तो शिक्षा व्यवस्था मजबूत होगी और बच्चों का भविष्य बेहतर बनेगा। उन्होंने शासन के इस निर्णय को शिक्षा सुधार की दिशा में बड़ा कदम बताते हुए मुख्यमंत्री, स्कूल शिक्षा विभाग एवं जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया।
साथ ही ग्रामीणों ने मांग की है कि जिन विद्यालयों में अब भी शिक्षकों की कमी है, वहां शीघ्र पदस्थापना की जाए ताकि प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लाभ मिल सके।
