नवाचार, उद्यमिता और इंडस्ट्री-अकादमिक सहयोग को मिलेगा बढ़ावा, इंटर्नशिप से लेकर संयुक्त अनुसंधान तक खुलेंगे नए रास्ते
दुर्ग, 31 जुलाई 2026। भिलाई इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (BIT), दुर्ग ने नवाचार, उद्यमिता और उद्योग-शैक्षणिक सहयोग को नई दिशा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। संस्थान ने इंडस्ट्री इंस्टीट्यूट पार्टनरशिप सेल (IIPC) के अंतर्गत आईआईटी भिलाई इनोवेशन एंड टेक्नोलॉजी फाउंडेशन (IBITF), IIT भिलाई के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं।
इस साझेदारी के माध्यम से विद्यार्थियों, शोधार्थियों एवं संकाय सदस्यों को अत्याधुनिक तकनीकी ज्ञान, अनुसंधान, नवाचार, स्टार्टअप और उद्यमिता के क्षेत्र में नए अवसर उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।
BIT दुर्ग की ओर से प्राचार्य ने किए हस्ताक्षर
समझौता ज्ञापन पर BIT दुर्ग की ओर से संस्थान के प्राचार्य प्रो. (डॉ.) अनूप मिश्रा ने हस्ताक्षर किए।
वहीं IBITF, IIT भिलाई की ओर से विष्णु वैभव द्विवेदी, मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी (CTO) तथा प्रतिभा डोंगरे, प्रोजेक्ट इंजीनियर उपस्थित रहीं। प्रतिनिधियों ने दोनों संस्थानों के बीच हुई इस साझेदारी को भविष्य के तकनीकी एवं नवाचार आधारित सहयोग के लिए महत्वपूर्ण बताया।
स्टार्टअप और इनक्यूबेशन को मिलेगा बढ़ावा
इस MoU का प्रमुख उद्देश्य दोनों संस्थानों के बीच तकनीकी सहयोग को मजबूत करने के साथ स्टार्टअप इनक्यूबेशन एवं उद्यमिता को प्रोत्साहित करना है।
साझेदारी के तहत उद्योगोन्मुख परियोजनाओं के संचालन, कौशल उन्नयन कार्यक्रम, फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (FDP), विद्यार्थियों के लिए गुणवत्तापूर्ण इंटर्नशिप, संयुक्त अनुसंधान तथा उत्पाद विकास जैसी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा।
विद्यार्थियों को मिलेगा उद्योग से जुड़ने का अवसर
इस सहयोग से विद्यार्थियों को केवल कक्षा आधारित तकनीकी शिक्षा तक सीमित न रहकर वास्तविक औद्योगिक समस्याओं और उनके तकनीकी समाधान पर काम करने का अवसर मिलने की उम्मीद है।
स्टार्टअप एवं इनोवेशन से जुड़े विद्यार्थियों को विशेषज्ञ मार्गदर्शन, तकनीकी सहयोग और अपने विचारों को व्यावहारिक उत्पाद या समाधान के रूप में विकसित करने के लिए बेहतर वातावरण उपलब्ध हो सकेगा।
रिसर्च और नई तकनीक पर रहेगा विशेष फोकस
BIT दुर्ग की दीर्घकालिक रणनीति के तहत देश के अग्रणी शैक्षणिक एवं अनुसंधान संस्थानों के साथ सहयोग बढ़ाकर विद्यार्थियों को उच्चस्तरीय शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार का वातावरण उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।
IIT भिलाई के IBITF के साथ हुआ यह समझौता इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। संस्थान को उम्मीद है कि यह साझेदारी विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों को नई तकनीकों पर काम करने के साथ उद्योग की जरूरतों के अनुरूप कौशल विकसित करने और नवाचार को वास्तविक उपयोग में बदलने में मदद करेगी।
