छोटे आमाकोनी में जर्जर पुलिया बनी खतरा, बारिश में पुलिया के ऊपर से बहता है पानी, ग्रामीणों को जान जोखिम में डालकर करना पड़ रहा आवागमन..

सारंगढ़-बिलाईगढ़// जनपद पंचायत बरमकेला के ग्राम पंचायत बड़े आमाकोनी के आश्रित ग्राम छोटे आमाकोनी में जर्जर पुलिया ग्रामीणों के लिए बड़ी परेशानी और हादसे का कारण बन गई है। गांव के मुख्य मार्ग पर स्थित यह पुलिया पिछले करीब 10 वर्षों से क्षतिग्रस्त हालत में है। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के मौसम में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। पानी बढ़ने पर पुलिया के ऊपर से पानी बहने लगता है और ग्रामीणों को इसी पानी को पार कर गांव तक पहुंचना पड़ता है।

पंचायत की ओर से कलेक्टर को लिखा गया पत्र

समस्या को देखते हुए ग्राम पंचायत बड़े आमाकोनी के सरपंच सुदर्शन नौरंगे ने पंचायत की ओर से जिला कलेक्टर, सारंगढ़-बिलाईगढ़ को पत्र लिखकर क्षतिग्रस्त पुलिया के स्थान पर नई पुलिया निर्माण की मांग की थी। पत्र में बताया गया कि छोटे आमाकोनी से मुख्य मार्ग पर स्थित यह पुलिया ग्रामीणों के आवागमन का प्रमुख रास्ता है। पुलिया की हालत लंबे समय से खराब है और इसके चलते कभी भी अप्रिय घटना होने की आशंका बनी रहती है। पत्र में यह भी उल्लेख किया गया कि बरसात के दौरान यदि पुलिया के ऊपर से पानी बहने लगे तो गांव का मुख्य मार्ग से संपर्क पूरी तरह बाधित हो जाता है। इसके बावजूद अब तक पुलिया निर्माण की स्वीकृति नहीं मिल पाई है।

बारिश बढ़ते ही बढ़ जाता है खतरा

ग्रामीणों के मुताबिक सामान्य दिनों में भी जर्जर पुलिया से आवागमन करना मुश्किल है, लेकिन बारिश के दौरान खतरा कई गुना बढ़ जाता है। तेज बारिश होने पर नाले का पानी पुलिया के ऊपर से बहने लगता है। इसके बाद भी जरूरी काम के लिए ग्रामीणों को पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ता है। ऐसे में दोपहिया वाहन चालकों, बुजुर्गों, बच्चों और पैदल आने-जाने वाले लोगों के लिए दुर्घटना का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों को आशंका है कि यदि समय रहते पुलिया का निर्माण नहीं कराया गया और बारिश के दौरान पानी का बहाव बढ़ गया तो कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है।

स्वीकृति का इंतजार, ग्रामीणों में चिंता

पंचायत द्वारा समस्या को लेकर प्रशासन का ध्यान पहले ही आकर्षित कराया जा चुका है, लेकिन अब तक निर्माण कार्य की स्वीकृति नहीं मिलने से ग्रामीणों में नाराजगी है। ग्रामीणों का कहना है कि यह केवल पुलिया निर्माण का मामला नहीं है, बल्कि गांव के लोगों की सुरक्षा और आवागमन से जुड़ा गंभीर विषय है। ग्रामीणों और पंचायत ने प्रशासन से मांग की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए क्षतिग्रस्त पुलिया का स्थल निरीक्षण कराया जाए और जल्द से जल्द नई पुलिया निर्माण की स्वीकृति प्रदान की जाए, ताकि बारिश के दिनों में ग्रामीणों को जान जोखिम में डालकर आवागमन न करना पड़े और किसी संभावित दुर्घटना को टाला जा सके।

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