अनुभवी पर्यटन विशेषज्ञों, पर्यटन प्रेमियों और देशभक्त व्यक्तित्वों का राष्ट्रीय–अंतरराष्ट्रीय मंच आवश्यक
नेपाल केवल हिमालयों का देश नहीं है—यह प्रकृति, संस्कृति, साहस, आध्यात्मिकता, जैव विविधता और अतिथि सत्कार का अद्भुत संगम है। विश्व की सर्वोच्च चोटी सगरमाथा (माउंट एवरेस्ट) से लेकर हिमालय, पहाड़ और तराई तक फैले नेपाल में पर्यटन की असीम संभावनाएँ हैं।लेकिन केवल संभावनाएँ पर्याप्त नहीं होतीं। इन संभावनाओं को विश्व के सामने प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने के लिए दृष्टिकोण, अनुभव, विशेषज्ञता, निरंतर संवाद और साझा अभियान आवश्यक है।दशकों से नेपाल के पर्यटन क्षेत्र में अपना जीवन समर्पित करने वाले, पर्यटन को करीब से समझने वाले, देश के प्रति जिम्मेदार और पर्यटन के प्रति गहरा प्रेम रखने वाले व्यक्तित्वों का अनुभव राष्ट्र की अमूल्य संपत्ति है। ऐसे अनुभवी लोगों को एक साझा मंच पर जोड़कर राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर का पर्यटन संवाद मंच बनाया जाए तो नेपाल के पर्यटन विकास और प्रचार-प्रसार में एक नए अध्याय की शुरुआत हो सकती है।
यह मंच किसी व्यक्ति, संस्था या समूह का नहीं, बल्कि पूरे नेपाल के पर्यटन की साझा आवाज बन सकता है।इस मंच के माध्यम से समय-समय पर नेपाल के पर्यटन विशेषज्ञों, व्यवसायियों, पर्वतारोहियों, प्रकृति प्रेमियों, संस्कृतिविदों, संचारकर्मियों, नीति-निर्माताओं, युवा पर्यटन अभियानों से जुड़े लोगों तथा अंतरराष्ट्रीय पर्यटन विशेषज्ञों के बीच संवाद और विचार-विमर्श किया जा सकता है।आज नेपाल का पर्यटन कहाँ खड़ा है?हमारी संभावनाएँ क्या हैं?हमारे सामने कौन-कौन सी चुनौतियाँ हैं?विश्व पर्यटन बाजार में नेपाल को और प्रभावी ढंग से कैसे स्थापित किया जा सकता है?पर्यटन के माध्यम से स्थानीय समुदाय, युवाओं और देश की अर्थव्यवस्था को और मजबूत कैसे बनाया जा सकता है?इन सभी प्रश्नों पर तथ्य आधारित चर्चा, अनुभवों का आदान-प्रदान और समाधानपरक विचारों को नियमित रूप से जनता तक पहुँचाया जा सकता है।
पर्यटन की वर्तमान स्थिति, नई संभावनाएँ, नीतियाँ, आधारभूत संरचना, नए पर्यटन गंतव्य, अंतरराष्ट्रीय बाजार, पर्यावरणीय चुनौतियाँ और सफल प्रयासों के बारे में निरंतर एवं विश्वसनीय जानकारी उपलब्ध कराने वाला एक मजबूत पर्यटन मंच आज की आवश्यकता है।हमें पर्यटन को केवल पर्यटकों को आकर्षित करने वाले व्यवसाय के रूप में नहीं देखना चाहिए। पर्यटन नेपाल की पहचान, अर्थव्यवस्था, संस्कृति, प्रकृति और भविष्य से जुड़ा राष्ट्रीय अभियान है।हमारे हिमालय सुरक्षित रहेंगे तो पर्यटन सुरक्षित रहेगा।हमारी संस्कृति और विरासत सुरक्षित रहेगी तो हमारी पहचान सुरक्षित रहेगी।स्थानीय समुदाय समृद्ध होंगे तो पर्यटन टिकाऊ बनेगा।और प्रकृति सुरक्षित रहेगी तो नेपाल का पर्यटन आने वाली पीढ़ियों तक जीवंत रहेगा।इसलिए अब समय आ गया है कि अनुभव को ज्ञान में, ज्ञान को संवाद में, संवाद को अभियान में और अभियान को परिणाम में परिवर्तित किया जाए।दशकों का अनुभव रखने वाले पर्यटन क्षेत्र के अग्रज और नई पीढ़ी के ऊर्जावान पर्यटन अभियानी यदि एक मंच पर आकर नेपाल के पर्यटन पर विचार करें, अपनी बात रखें और समाधान खोजें, तो उसका प्रभाव केवल नेपाल तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि विश्व पर्यटन बाजार तक पहुँचेगा।यह मंच केवल किसी की आलोचना करने के बजाय समाधान खोजने की संस्कृति विकसित करे।
किसी व्यक्ति के प्रचार के बजाय नेपाल के पर्यटन का प्रचार करे।किसी एक गंतव्य तक सीमित रहने के बजाय पूरे नेपाल की पर्यटन संभावनाओं की बात करे।आज हम जो साझा आवाज तैयार करेंगे, वह आने वाली पीढ़ी को एक महत्वपूर्ण संदेश दे सकती है—“नेपाल का पर्यटन हमारी साझा विरासत है। इसका संरक्षण, विकास और विश्वव्यापी प्रचार-प्रसार हमारी साझा जिम्मेदारी है।”आइए, पर्यटन क्षेत्र में दशकों से योगदान देने वाले अनुभवी व्यक्तित्वों, पर्यटन प्रेमियों, विशेषज्ञों, युवा पीढ़ी और सभी संबंधित लोगों को एक साझा मंच पर जोड़ें।नेपाल के पर्यटन पर निरंतर संवाद करें।सही और विश्वसनीय जानकारी साझा करें।नई संभावनाओं की पहचान करें।चुनौतियों का समाधान खोजें।और विश्व के सामने नेपाल के गौरव को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाएँ।क्योंकि— पर्यटन नेपाल की पहचान है।पर्यटन नेपाल की संभावना है।
पर्यटन नेपाल की समृद्धि का आधार है।और नेपाल के पर्यटन का विकास एवं प्रचार हम सभी का साझा अभियान है।
NEPAL TOURISM LEADERSHIP FORUM
“One Vision • One Voice • One Tourism Future”
पी.के. शेरपा. प्रकृति संरक्षणवादी | पर्वतारोही
