पलारी अंचल में पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया गया छत्तीसगढ़ का प्रथम लोकपर्व
पलारी अंचल में छत्तीसगढ़ का प्रथम लोकपर्व हरेली तिहार उत्साह, उमंग और पारंपरिक उल्लास के साथ मनाया गया। ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों ने कृषि औजारों की साफ-सफाई कर विधिवत पूजा-अर्चना की और सुख-समृद्धि, खुशहाली तथा अच्छी फसल की कामना की।
सावन अमावस्या पर मनाया जाने वाला हरेली पर्व छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोकसंस्कृति, कृषि परंपरा और प्रकृति के प्रति गहरे जुड़ाव का प्रतीक है। खेतों में लहलहाती हरियाली के बीच किसानों ने प्रकृति के प्रति आभार व्यक्त करते हुए पर्व की खुशियां साझा कीं।
हरेली ने एक बार फिर ग्रामीण जीवन, कृषि संस्कृति और आपसी भाईचारे की खूबसूरत तस्वीर पेश की। पलारी अंचल में लोगों ने पारंपरिक उत्साह के साथ पर्व मनाते हुए सुख-समृद्धि की मंगलकामना की।
