सारंगढ़। रक्तदान को महादान कहा जाता है, क्योंकि किसी जरूरतमंद मरीज के लिए समय पर उपलब्ध कराया गया रक्त जीवन बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसी भावना को चरितार्थ करते हुए अधिवक्ता अश्वनी चंद्रा जी ने एक बार फिर रक्तदान कर समाज के सामने मानवता और सेवा की मिसाल पेश की अधिवक्ता अश्वनी चंद्रा ने 32वीं बार रक्तदान करते हुए शांति अजय, निवासी तालदेवरी, सारंगढ़ के लिए रक्तदान किया। मरीज को रक्त की आवश्यकता की जानकारी मिलने पर उन्होंने बिना किसी संकोच के आगे आकर रक्तदान किया और जरूरतमंद परिवार की मदद की। लगातार 32वीं बार रक्तदान करना अपने आप में सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उनका कहना है कि रक्तदान किसी व्यक्ति की जिंदगी बचाने का माध्यम है और स्वस्थ व्यक्ति को समय-समय पर स्वेच्छा से रक्तदान के लिए आगे आना चाहिए। अश्वनी चंद्रा के इस पुनीत कार्य से यह संदेश मिलता है कि समाज में यदि लोग जरूरतमंदों की सहायता के लिए आगे आएं तो कई जिंदगियां बचाई जा सकती हैं। रक्तदान के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाने और युवाओं को इस नेक कार्य के लिए प्रेरित करने में ऐसे रक्तदाताओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। 32वीं बार रक्तदान कर अधिवक्ता अश्वनी चंद्रा ने न केवल एक जरूरतमंद मरीज की मदद की, बल्कि समाज को यह संदेश भी दिया कि इंसानियत की सेवा के लिए किसी बड़े अवसर का इंतजार नहीं करना चाहिए—जरूरत के समय किसी के काम आना ही सच्ची मानवता है।
