सारंगढ़ बिलाईगढ़ :- सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के जनपद पंचायत बिलाईगढ़ में इन दिनों भुगतान प्रक्रिया को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जनपद पंचायत बिलाईगढ़ में पदस्थ पीओ किशन जायसवाल पर मनमाने ढंग से मनरेगा कार्य मे FTO (फंड ट्रांसफर ऑर्डर) करने के गंभीर आरोप लग रहे हैं। आरोप है कि जिन पंचायतों के मनरेगा कार्य के बिल पहले से लंबित हैं, उन्हें रोककर बाद में लगाए गए बिलों का तेजी से FTO किया जा रहा है। इस मामले को लेकर कई सरपंचों और जनप्रतिनिधियों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। आरोप है कि कई महीनों पहले मनरेगा कार्य के द्वारा पंचायतो मे विकास कार्य पूर्ण कर बिल प्रस्तुत करने वाले सरपंचों को लगातार कार्यालय के चक्कर काटने पड़ रहे हैं, लेकिन उनके भुगतान पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही। वहीं कुछ चुनिंदा लोगों के बिलों को प्राथमिकता देकर तत्काल FTO किया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार इस पूरे मामले में जनपद पंचायत सीईओ प्रतीक प्रधान की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। आरोप लगाए जा रहे हैं कि पीईओ और सीईओ की मिलीभगत से अपने करीबी लोगों को लाभ पहुंचाने का काम किया जा रहा है। इससे पंचायत प्रतिनिधियों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। कई सरपंचों का कहना है कि यदि भुगतान प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं लाई गई तो वे जल्द ही कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर शिकायत करेंगे और आंदोलन का रास्ता भी अपनाया जा सकता है। उनका आरोप है कि शासन की योजनाओं में भेदभावपूर्ण रवैया अपनाकर पंचायतों के विकास कार्यों को प्रभावित किया जा रहा है। यह मामला पंचायत व्यवस्था में गंभीर अनियमितता और पक्षपात का बड़ा उदाहरण साबित दिख रहा है
