जिला जांजगीर-चांपा के ब्लॉक नवागढ़ ग्राम अवरीद अंतर्गत स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाल तस्वीर सामने आई है। आरोप है कि केंद्र का दरवाजा बंद कर कर्मचारी अंदर आराम फरमा रहे थे, जबकि इलाज के लिए पहुंचे मरीज बाहर ताला लगा देखकर वापस लौटने को मजबूर हो गए।
आखिर मरीजों की पीड़ा और उनकी जान से जुड़ी जिम्मेदारियों को नजरअंदाज करना क्या इंसानियत है? सरकारी कार्यालय और स्वास्थ्य केंद्र जनता की सेवा के लिए बनाए गए हैं, न कि आराम का ठिकाना बनाने के लिए। जिम्मेदार कर्मचारियों की इस कथित लापरवाही ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
ग्रामीणों और मरीजों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी जरूरतमंद मरीज को इलाज के अभाव में परेशान न होना पड़े। स्वास्थ्य सेवाओं में जवाबदेही और संवेदनशीलता ही जनता का विश्वास कायम रख सकती है।
