NHRCCB टीम छत्तीसगढ़ इकाई की मानवीय पहल: सड़क दुर्घटना में घायल युवक की तत्काल मदद कर मानवता की मिसाल पेश की

जिला अध्यक्ष प्रद्युम्न शुक्ल एवं कार्यकारी जिला सचिव राखी शुक्ल ने दिखाई तत्परता, एम्बुलेंस बुलवाकर घायल को पहुंचाया सिविल अस्पताल

कांकेर/पखांजुर।
राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं अपराध नियंत्रण ब्यूरो (NHRCCB) टीम छत्तीसगढ़ इकाई लगातार सामाजिक सरोकारों और मानव सेवा के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभा रही है। इसी कड़ी में संस्था के कांकेर जिला अध्यक्ष एवं कार्यकारी प्रदेश कोऑर्डिनेटर NHRCCB छत्तीसगढ़ प्रद्युम्न शुक्ल तथा कार्यकारी जिला सचिव राखी शुक्ल ने एक बार फिर मानवता, संवेदनशीलता और सामाजिक उत्तरदायित्व का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार पखांजुर–भानुप्रतापुर मुख्य मार्ग पर नया बाजार स्थित रेंजर ऑफिस के सामने एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना हो गई। एक युवक अपने दोपहिया वाहन से पखांजुर की ओर जा रहा था। इसी दौरान अचानक एक कुत्ता उसके वाहन के सामने आ गया। युवक ने कुत्ते को बचाने का प्रयास किया, लेकिन तेज गति और अचानक ब्रेक लगने के कारण उसका संतुलन बिगड़ गया और वह मोटरसाइकिल सहित सड़क पर काफी दूर तक फिसलता चला गया।

दुर्घटना इतनी गंभीर थी कि युवक के आंख, चेहरे, हाथ, पैर एवं शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आईं। सड़क पर गिरने के कारण वह दर्द से कराह रहा था और स्वयं उठने की स्थिति में नहीं था। दुर्घटना के बाद मौके पर लोगों की भीड़ तो एकत्र हो गई, लेकिन घायल की तत्काल सहायता करने के लिए बहुत कम लोग आगे आए।

इसी दौरान वहां से गुजर रहे NHRCCB टीम छत्तीसगढ़ इकाई, कांकेर के जिला अध्यक्ष एवं कार्यकारी प्रदेश कोऑर्डिनेटर प्रद्युम्न शुक्ल तथा कार्यकारी जिला सचिव राखी शुक्ला ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बिना समय गंवाए अपना वाहन रोका। दोनों तुरंत घायल युवक के पास पहुंचे, उसे सावधानीपूर्वक सड़क से उठाकर सुरक्षित स्थान पर बैठाया तथा उसकी स्थिति का निरीक्षण किया। उन्होंने युवक को मानसिक रूप से भी संभाला और आसपास मौजूद लोगों से सहयोग की अपील की।

घायल की गंभीर स्थिति को देखते हुए तत्काल 108 संजीवनी एम्बुलेंस सेवा को सूचना दी गई। एम्बुलेंस के पहुंचने तक प्रद्युम्न शुक्ल एवं राखी शुक्ल लगातार घायल युवक के साथ रहे, उसकी हिम्मत बढ़ाते रहे और यह सुनिश्चित किया कि उसे किसी प्रकार की अतिरिक्त परेशानी न हो। एम्बुलेंस पहुंचने के बाद दोनों ने घायल को सुरक्षित वाहन में बैठाने में सहयोग किया तथा उसे बेहतर उपचार के लिए सिविल अस्पताल रवाना कराया साथ ही अस्पताल जा कर उनका इलाज कराया , जहां चिकित्सकों द्वारा उसका उपचार प्रारंभ किया गया।

घटना के प्रत्यक्षदर्शियों एवं स्थानीय नागरिकों ने NHRCCB टीम के इस मानवीय कार्य की मुक्तकंठ से सराहना की। लोगों ने कहा कि आज के समय में अधिकांश लोग दुर्घटना देखकर आगे निकल जाते हैं, लेकिन प्रद्युम्न शुक्ल एवं राखी शुक्ल ने बिना किसी स्वार्थ के घायल की सहायता कर यह सिद्ध कर दिया कि मानवता आज भी जीवित है। उनकी त्वरित सूझबूझ और संवेदनशीलता के कारण घायल युवक को समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो सकी।

प्रद्युम्न शुक्ल ने कहा कि “मानव सेवा ही सबसे बड़ी सेवा है। सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को समय पर सहायता मिलना उसके जीवन को बचाने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है कि वह दुर्घटना के समय घायलों की सहायता करे, एम्बुलेंस और पुलिस को तत्काल सूचना दे तथा ‘गुड समैरिटन’ (नेक नागरिक) की भावना के साथ आगे आए।”

NHRCCB टीम ने आमजन से अपील की कि सड़क पर वाहन चलाते समय यातायात नियमों का पालन करें, निर्धारित गति सीमा में वाहन चलाएं तथा अचानक सड़क पर आने वाले पशुओं एवं अन्य बाधाओं से बचने के लिए विशेष सतर्कता बरतें। साथ ही यदि कहीं भी सड़क दुर्घटना दिखाई दे तो घायल व्यक्ति की सहायता करने से पीछे न हटें, क्योंकि आपकी छोटी-सी पहल किसी की अनमोल जिंदगी बचा सकती है।

NHRCCB टीम छत्तीसगढ़ इकाई कांकेर द्वारा किया गया यह मानवीय कार्य समाज के लिए प्रेरणादायक उदाहरण है, जो यह संदेश देता है कि किसी भी संगठन की वास्तविक पहचान केवल उसके नाम से नहीं, बल्कि समाज के प्रति उसके सेवा भाव और मानवीय कार्यों से होती है

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