बांस गीत सिर्फ विधा नहीं, परिवार के मूर्त रूप की जीवंत मिसाल है- डॉ. सोमनाथ


मुंगेली । मुंगेली अंचल के बांस गीत कलाकारों की परिवार सम्मेलन में प्रस्तुति के दरमियान अपने अध्यक्षीय भाषण में डॉक्टर सोमनाथ यादव ने कहा कि अलग-अलग शहरों में रह रहे परिवार के सदस्यों को एक मंच पर लाकर रिश्तों को मजबूत करना और नई पीढ़ी को पारिवारिक विरासत और संस्कारों से जोड़ने के मुख्य उद्देश्य के इस आयोजन में बांस गीत की प्रस्तुति वास्तव में केवल एक विधा नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति और परंपरा के अनुसार संयुक्त परिवार के मूर्त रूप की जीवंत मिसाल है।
उक्त उद्बोधन डॉ यादव ने फगनी देवी चमन लाल यादव स्मृति सेवा संस्थान बिलासपुर द्वारा आयोजित परिवार सम्मेलन समारोह कार्यक्रम में बांस गीत प्रस्तुति के दौरान कही। इस अवसर पर बांस गीत कलाकारों में मुंगेली अंचल के शिवरात यादव धरमपुरा गायक, देवारी यादव कुंआगांव बांस वादक, गेंदराम यादव भुण्डा ठेही, दल्लू यादव कोंड़ासर बांसवादक और शिवकुमार यादव कुंआगांव रागी एवं अन्य बांस गीत कलाकार उपस्थित रहे।
मुख्य अभ्यागत श्रीमती फूलबासन यादव पद्मश्री सम्मानित, रामचंद्र यादव सरगुजा, शंकर यादव सूरजपुर, उत्तर यादव प्रांत प्रमुख कृषक कार्य कवर्धा एवं महेश श्रीवास अध्यक्ष बिलासा कला मंच, डॉ. सुधाकर भिड़े, यश मिश्रा, अश्वनी पांडे, एमडी मानिकपुरी इत्यादि की उपस्थिति में संपन्न उक्त कार्यक्रम संस्थान के अध्यक्ष डा. सोमनाथ यादव के विशेष परिश्रम और महती कार्य योजना के क्रियान्वयन से संपन्न हुआ। जिसके सचिव सतीश यादव रहे तथा कार्यक्रम का संचालन संतोष कुमार यादव दाऊपारा मुंगेली ने किया। इस अवसर पर पारिवारिक सदस्यों में शशि यादव, श्रेया यादव, विनायक यादव सहित लगभग 200 महिलाएं एवं उतनी ही संख्या में पुरुष वर्ग सम्मिलित रहे। इस अनूठे और महत्वपूर्ण आयोजन को सबका भरपूर स्नेह प्राप्त हुआ।

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