चौथे दिन पंडाल पड़ा छोटा, बाहर बैठकर श्रद्धालुओं ने सुनी कथा; भजनों पर झूमे भक्त, शिवमय हुआ शिवरीनारायण
ज़िला जांजगीर चांपा शिवरीनारायण/रिगनी-खरौद। श्रावण मास के पावन अवसर पर धार्मिक नगरी शिवरीनारायण में आयोजित श्री शिव महापुराण कथा में आस्था का सैलाब लगातार बढ़ता जा रहा है। कथा के चौथे दिन करीब तीन घंटे तक हुई लगातार बारिश भी श्रद्धालुओं के कदम नहीं रोक सकी। बारिश के बीच बड़ी संख्या में भक्त कथा स्थल पर डटे रहे और पूरी श्रद्धा के साथ भगवान शिव की कथा का रसपान किया।
श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ का आलम यह रहा कि कथा के लिए लगाया गया विशाल पंडाल भी छोटा पड़ गया। पंडाल के भीतर जगह नहीं मिलने पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाहर बैठकर कथा सुनते नजर आए। शिवरीनारायण के साथ-साथ आसपास के गांवों, जिले के विभिन्न क्षेत्रों और अन्य राज्यों से भी श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला जारी है।
भगवान जगन्नाथ की कृपा से संभव है कथा : पंडित युवराज
राष्ट्रीय कथा व्यास पंडित युवराज पांडे ने कथा के दौरान विनम्रता व्यक्त करते हुए कहा कि वे जो भी कथा करते हैं, वह भगवान जगन्नाथ जी की कृपा से ही संभव होती है। उनके सरल, ओजस्वी और भावपूर्ण प्रवचनों से श्रद्धालुओं को भगवान शिव की महिमा, भक्ति, धर्म और सनातन संस्कृति का संदेश मिल रहा है।
कथा के दौरान पंडित युवराज पांडे ने शास्त्रों में वर्णित पृथ्वी के ऊपर और नीचे स्थित सात-सात लोकों का विस्तार से वर्णन करते हुए उनके धार्मिक एवं आध्यात्मिक महत्व को श्रद्धालुओं के समक्ष रखा।
