सड़क नहीं होने से स्वास्थ्य, शिक्षा और राशन तक पहुंच बनी चुनौती; बारिश में बढ़ जाती है ग्रामीणों की परेशानी कोठीखोल
बिलाईगढ़। ग्राम पंचायत किसड़ा के आश्रित ग्राम कोठीखोल में आज भी पक्की सड़क ग्रामीणों के लिए सपना बनी हुई है। वर्षों से सड़क निर्माण की मांग के बावजूद गांव तक पक्की सड़क नहीं पहुंच सकी है। कच्चे और जर्जर रास्ते से आवागमन करना ग्रामीणों की मजबूरी बन गया है।
बारिश के दिनों में रास्ते की हालत और खराब हो जाती है। कीचड़ और गड्ढों के कारण पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है। ऐसे में बीमार व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाना हो या जरूरी सामान के लिए बाहर जाना, ग्रामीणों को काफी परेशानी उठानी पड़ती है।
स्वास्थ्य और राशन के लिए दूसरे गांव पर निर्भर
गांव में स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध नहीं होने से ग्रामीणों को इलाज के लिए दूसरे गांवों का रुख करना पड़ता है। राशन लेने के लिए भी दूसरे गांव पर निर्भरता बनी हुई है। खराब सड़क के कारण बुजुर्गों, महिलाओं और जरूरतमंद परिवारों को सबसे ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
बच्चों की पढ़ाई पर भी पड़ रहा असर
गांव में प्राथमिक शिक्षा की सुविधा है, लेकिन आगे की पढ़ाई के लिए बच्चों को दूसरे गांव जाना पड़ता है। खराब सड़क और परिवहन सुविधा के अभाव में बच्चों के आवागमन में परेशानी होती है।
रोजगार के अवसर सीमित, आर्थिक स्थिति में सुधार की रफ्तार धीमी
सरकारी योजनाओं और आवास योजना का लाभ मिलने से कुछ परिवारों की स्थिति में सुधार हुआ है, लेकिन रोजगार के पर्याप्त अवसर नहीं होने से ग्रामीणों की आर्थिक स्थिति में अपेक्षित बदलाव नहीं आ पाया है।
ग्रामीणों की दो टूक—पहले सड़क बनाइए
ग्रामीणों का कहना है कि गांव की कई समस्याओं का समाधान सड़क बनने से आसान हो सकता है। पक्की सड़क बनने से आवागमन के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, राशन और रोजगार जैसी सुविधाओं तक पहुंच भी बेहतर होगी। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से गांव तक जल्द पक्की सड़क निर्माण की मांग की है।
