पी के शेरपा
नेपाल के पर्यटन विकास की यात्रा कई महत्वपूर्ण पड़ावों से होकर गुजरी है। वर्ष 1998 इस यात्रा में विशेष महत्व रखता है, जब नेपाल ने ‘विजिट नेपाल ’98’ के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने पर्यटन को नई पहचान दिलाने का बड़ा प्रयास किया था।
नेपाल में आधुनिक पर्यटन के विस्तार की शुरुआत वर्ष 1950 के बाद तेजी से हुई। राणा शासन के अंत के बाद नेपाल ने अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों के लिए अपने द्वार अधिक व्यापक रूप से खोले। इसके बाद वर्ष 1953 में तेनजिंग नोर्गे और सर एडमंड हिलेरी द्वारा माउंट एवरेस्ट पर सफल आरोहण ने नेपाल को विश्व पर्यटन के नक्शे पर स्थापित कर दिया।
वर्ष 1956 में नेपाल में आधिकारिक पर्यटन संगठन की स्थापना हुई, जिसके बाद नेपाल को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन गंतव्य के रूप में प्रचारित करने के प्रयास तेज हुए। 1960 और 1970 के दशक में एवरेस्ट, अन्नपूर्णा और लांगटांग जैसे क्षेत्रों में ट्रेकिंग एवं पर्वतारोहण पर्यटन का तेजी से विस्तार हुआ।
वर्ष 1998 नेपाल के पर्यटन इतिहास का एक महत्वपूर्ण अध्याय बना। ‘विजिट नेपाल ’98’ अभियान के माध्यम से नेपाल ने दुनिया के सामने अपनी प्राकृतिक सुंदरता, हिमालय, संस्कृति, परंपराओं और साहसिक पर्यटन की संभावनाओं को व्यापक रूप से प्रस्तुत किया।
इसी वर्ष से मेरी व्यक्तिगत पर्यटन यात्रा का भी एक महत्वपूर्ण अध्याय शुरू होता है। वर्ष 1998 में मैंने पर्यटन क्षेत्र में अपने पेशेवर जुड़ाव की शुरुआत की थी। इसलिए ‘विजिट नेपाल ’98’ मेरे लिए केवल नेपाल के पर्यटन इतिहास की एक महत्वपूर्ण घटना नहीं, बल्कि मेरे अपने पेशेवर पर्यटन जीवन से जुड़ा एक विशेष और यादगार पड़ाव भी है।
इसके बाद नेपाल ने वर्ष 2011 को ‘नेपाल पर्यटन वर्ष’ के रूप में मनाते हुए 10 लाख अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों को आकर्षित करने का लक्ष्य रखा। वर्ष 2015 के विनाशकारी भूकंप ने नेपाल के पर्यटन ढांचे को गंभीर नुकसान पहुँचाया, लेकिन नेपाल ने अपनी मजबूत इच्छाशक्ति के साथ पुनर्निर्माण की दिशा में कदम बढ़ाए। वहीं वर्ष 2020 में कोविड-19 महामारी ने नेपाल सहित पूरी दुनिया के पर्यटन क्षेत्र को अभूतपूर्व संकट में डाल दिया।
हालांकि, वर्ष 2023–2024 के दौरान नेपाल के पर्यटन क्षेत्र ने एक बार फिर मजबूत वापसी की और बड़ी संख्या में अंतरराष्ट्रीय पर्यटक नेपाल पहुँचे।
पीके शेरपा जी से प्राप्त जानकारी और नेपाल के पर्यटन इतिहास के इन महत्वपूर्ण पड़ावों से यह स्पष्ट होता है कि नेपाल का पर्यटन केवल हिमालय और प्राकृतिक सौंदर्य तक सीमित नहीं है, बल्कि यह साहसिक पर्यटन, संस्कृति, प्रकृति और मानवीय अनुभवों की एक समृद्ध यात्रा है।
मेरी अपनी पर्यटन यात्रा का वर्ष 1998 से जुड़ना इस इतिहास को मेरे लिए और भी खास बनाता है। ‘विजिट नेपाल ’98’ का दौर नेपाल के पर्यटन के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर था और उसी दौर में शुरू हुआ मेरा पेशेवर पर्यटन जुड़ाव आज भी मेरी यात्रा की एक महत्वपूर्ण पहचान बना हुआ है।
