बालोद। शहीद गैंद सिंह नायक शासकीय महाविद्यालय, मंगचुआ (जिला बालोद, छत्तीसगढ़) के आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (IQAC) द्वारा सेमीनार कक्ष में “लैंगिक समानता” विषय पर एक प्रभावी एवं ज्ञानवर्धक अतिथि व्याख्यान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का समय दोपहर 12:00 बजे निर्धारित था।
कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं राज्य गीत “अरपा पैरी के धार” के सामूहिक गायन के साथ गरिमामय वातावरण में किया गया। तत्पश्चात अतिथि वक्ता ललिता साहू, सहायक प्राध्यापक (समाजशास्त्र), शासकीय दिग्विजय स्वशासी स्नातकोत्तर महाविद्यालय, राजनांदगांव (छत्तीसगढ़) का पुष्पगुच्छ एवं श्रीफल भेंट कर स्वागत किया गया।
स्वागत उद्बोधन महाविद्यालय के सहायक प्राध्यापक पी. एस. चुरेंद्र द्वारा प्रस्तुत किया गया, जिसमें उन्होंने लैंगिक समानता के महत्व को रेखांकित करते हुए इसे वर्तमान समय की अत्यंत आवश्यक सामाजिक आवश्यकता बताया।
महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. अमृता एस. कस्तुरे ने अपने उद्बोधन में कहा कि समाज के समग्र विकास हेतु महिलाओं एवं पुरुषों को समान अवसर प्रदान करना अनिवार्य है। उन्होंने विद्यार्थियों को शिक्षा के माध्यम से लैंगिक भेदभाव समाप्त करने का संदेश दिया तथा ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों के आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया।
मुख्य वक्ता ललिता साहू ने अपने व्याख्यान में लैंगिक समानता को एक मौलिक मानव अधिकार बताते हुए इसके सामाजिक एवं आर्थिक महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने वेतन असमानता, महिलाओं के प्रति हिंसा एवं कम भागीदारी जैसी प्रमुख समस्याओं को चिन्हित करते हुए उनके समाधान हेतु शिक्षा, जागरूकता एवं आर्थिक सशक्तिकरण को आवश्यक बताया। साथ ही उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 14, 15, 16 तथा विभिन्न कानूनों जैसे दहेज निषेध अधिनियम, घरेलू हिंसा अधिनियम एवं POSH Act की जानकारी भी प्रदान की।
कार्यक्रम के अंत में डी. के. मस्ता द्वारा आभार प्रदर्शन किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापकगण, कर्मचारीगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे। विद्यार्थियों ने व्याख्यान को अत्यंत ध्यानपूर्वक सुना और विषय के प्रति अपनी सक्रिय सहभागिता प्रदर्शित की।
इस अवसर पर महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापकगण एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे। प्रमुख रूप से उपस्थित सदस्यों में सहायक प्राध्यापक पी.एस. चुरेंद्र, डॉ. डी.के. मस्ता, एस.डी. मरावी, एस.पी. नायक, डॉ. रश्मि इंगले, शशिकुमार बंजारे, कमलेश सोनकर, नमिता साहू, बरखा यादव सहित समस्त स्टाफ एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ शामिल रहे।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता देखने को मिली। उन्होंने पूरे व्याख्यान को ध्यानपूर्वक सुना तथा विषय के प्रति अपनी रुचि एवं जागरूकता का परिचय दिया।
यह कार्यक्रम अत्यंत सफल एवं प्रभावशाली रहा, जिसने विद्यार्थियों में लैंगिक समानता के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
