भू – अधिकार पट्टा पाने के बाद भी विभागीय कार्यवाही के कारण परेशान हैं नवापारा के कृषक

सारंगढ़ – सारंगढ़ नगर स्थित वार्ड क्रमांक 14 नवापारा मोहल्ले के कृषक 32-33 वर्ष पूर्व यानि सन् 1991 -92 में भू-अधिकार पट्टा पाने के बाद भी आज कई प्रकार के परेशानीयो का सामना कर रहे हैं वार्ड क्रमांक 14 नवापारा सारंगढ नगर के समीप ही वन क्षेत्र स्थित बम्हनदाई पहाड़ के नीचे में बसा हैं सन् 1991-92 में यहां के गरीब किसानो को वन प्रशासन ने भू-अधिकार पट्टा दिया था उस समय इस वन सीमा क्षेत्र के किसान अपना जीवन यापन जंगली कंद मूल जैसे महुआ, चार, झाड़ू फ़ूल से झाड़ू निर्माण और साथ ही जंगल की सूखी पेड़ों की लकड़ी काटकर उसे शहर के बाज़ार में बेचकर जीवन यापन करते थे इस समय में भी यहां के गरीब मजदूरों किसानों को जंगल विभाग के कर्मीयों की डांट फटकार जंगल संपदा को बेच रहे हो कहकर वन कर्मियों की फटकार सुननी पड़ती थी तब इसी समय स्थानीय कुछ जन नायको और तात्कालीन वन परिक्षेत्राधिकारी के कृपा से 1991-92 में वार्ड क्रमांक 14 वन क्षेत्र के गरीब मजदूरों को इस बम्हनदाई पहाड़ क्षेत्र के खाली पड़ी जमीनो की भू – अधिकार पट्टा वितरीत किया गया उस समय यह नवापारा मोहल्ला ग्राम पंचायत कुटेला के अधीनस्थ ग्राम था यहां के मजदूर किसान धीरे इस जमीन को बराबर कर इसमे फसल उगाकर जीवन यापन करने लगे कुछ दिनों बाद यहां के किसानो को अपने मेहनत की फसल बेचने दिक्कत परेशानी आ गई जनप्रतिनिधीयो की तत्परता और सहयोग से यहां के कृषको की जमीन राजस्व विभाग के खसरा रकबा मे चढ़ गया मजदूर किसानों की धान सोसायटी में बिकने लगी अब चूंकि यह मोहल्ला नवापारा सारंगढ़ नगर पालिका में जुड़ गयी हैं लेकिन विडंबना है कि यहां के भू स्वामियों की जमीन का नक्शा अभी तक राजस्व विभाग में नही आया है या नही बन पाया है इस संबंध में नवापारा के किसान तहसीलदार एसडीएम डिप्टी कलेक्टर और कलेक्टर तक से एक बार नही बल्कि कई मर्तबे ज्ञापन दे चुके हैं किन्तु अभी तक इन भू -स्वामियो के पट्टा ज़मीन का नक्शा इन्हे नही मिल पाया है।राजस्व विभाग वाले नक्शा बाबत जवाब देते हैं कि वन विभाग इस भूमि को राजस्व विभाग को सौपेगी तभी जमीन का नक्शा बन पायेगा वन विभाग के अधिकारीयों को इस संबंध में पूछने से उनका जवाब रहता है कि रायपुर हेड कार्यालय से यह नक्शा राजस्व विभाग को हेंड ओव्हर होगा हमें यहां से जमीन नक्शा को हेंड ओव्हर करनें का अधिकार नही है।
बहरहाल नवापारा के गरीब किसानों नक्शा पाने के लिये राजस्व ओर वन अमले के बीच इस लड़ाई में फंसे हैं और जमीन का नक्शा पाने के लिये भटक रहे हैं समय- समय पर नवापारा के किसानो को इन विभागों के कर्मचारियों अधिकारीयों द्वारा कार्यवाही से भी निपटना पड़ता है।जबकि यहां के किसानो के पास बकायदा जमीन का भू -अधिकार परिपत्र हैं।

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