भीम आर्मी भारत एकता मिशन छत्तीसगढ़ जिला इकाई सारंगढ़ बिलाईगढ़ के तत्वधान में जिला उपाध्यक्ष अमित जायसवाल जी के नेतृत्व में पिछड़ा वर्ग अधिकार एवं सामाजिक न्याय यात्रा का प्रथम चरण ग्राम पंचायत सलोनी से निकाला गया जो कि 4 पंचायत सलोनी , गाताडीह, लेंध्रा, चांटीपाली में यह यात्रा गया जहां पिछड़ा वर्ग के तमाम सरपंच महोदय जी को ज्ञापन सौंपा गया जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में भीम आर्मी प्रदेश उपाध्यक्ष खिलन प्रसाद साहू जी और प्रदेश महासचिव तुलेश दास महंत जी और अन्य पिछड़ा वर्ग, भीम आर्मी के तमाम सदस्यगढ़ उपस्थित रहे
पिछड़ा वर्ग अधिकार एवं सामाजिक न्याय यात्रा में हमारी संविधानिक मांगे निम्नलिखित हैं जिसको ज्ञापन के रूप में सरपंच महोदय जी को सौंपा गया हैं और पिछड़ा वर्ग समाज के तमाम मंत्रीयों, राज्य एवं केंद्र पिछड़ा वर्ग आयोग, राज्यपाल, राष्ट्रपति, मुख्यमंत्री जी को प्रतिलिपि में दिया गया हैं ताकि यह मुद्दा संसद, विधानसभा में गूंजे और पिछड़ा वर्ग समाज को उसका संविधानिक हिस्सा,अधिकार मिल सके.
- ओबीसी की जातिवार जनगणना का मुद्दा:
केन्द्र सरकार द्वारा अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) की जाति आधारित जनगणना को जानबूझकर न कराना, सामाजिक न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ एक सोचा-समझा षड्यंत्र है। यह बहुजन समाज की वास्तविक संख्या और उनके अधिकारों को दबाने का एक प्रयास है। - पिछड़ा वर्ग का छत्तीसगढ़ में 50-55% जनसंख्या हैं लेकिन उनकी आरक्षण 13-14% हैं, जबकि केंद्र सरकार द्वारा मंडल कमीशन के आधार पर 27% आरक्षण लागू हैं और अन्य कई राज्य 27% आरक्षण लागू हैं तो छत्तीसगढ़ में क्यों नहीं .
- सर्व पिछड़ा वर्ग को वर्तमान सरकार द्वारा त्रिस्तरीय पंचायत, नगर निगम, नगर पालिका,चुनाव में 50% सीट आरक्षित किया था लेकिन अचानक वह बिल को वापस ले लिया गया यह सोचा समझा साजिश है . इस बिल को पुनः लागू किया जाए
- पिछड़ा वर्ग के लिऐ सभी कॉलेजों में सरकारी हॉस्टल की व्यवस्था किया जाय ताकि गरीब, तबके के बच्चे को पैसा के परेशानी ना हो.
- सभी बड़े बड़े शिक्षा संस्थान जैसे -आईआईटी,एम्स ,नीट, सभी यूनिवर्सिटी, कॉलेजों में ओबीसी समाज के छात्र/छात्रों लिए सीट आरक्षित किया जाय.
- सभी न्यायालयों(जिला , उच्च, उच्चतम)में ओबीसी के लिए जजों के सीट आरक्षित किया जाय,
- छतीसगढ़ के विधानसभा, लोकसभा, राज्यसभा सीटों में ओबीसी के सीट आरक्षित किया जाए .
- मंडल कमीशन(पिछड़ा वर्ग आयोग)की सिफारिशों का पूर्ण क्रियान्वयन: मंडल कमीशन ने सामाजिक न्याय को स्थापित करने हेतु जिन सिफारिशों को प्रस्तुत किया था, उनका पूर्ण रूप से लागू किया जाना समय की आवश्यकता है.
- प्राइवेट सेक्टरो जैसे (प्राइवेट लिमिटेड कंपनियों, प्राइवेट कम्पनियों, सरकारी कम्पनियों, गैर सरकारी कम्पनियों)में पिछड़ा वर्ग की आरक्षण की व्यवस्था किया जाय .
- केंद्र सरकार द्वारा मंडल कमीशन आयोग के आधार पर पिछड़ा वर्ग 27% आरक्षण दिया गया हैं उसे छत्तीसगढ़ में पूर्ण रूप से लागू किया जाए
- छत्तीसगढ़ में पिछड़ा वर्ग के जितने भी बैक लॉक भर्ती हैं उसे पूरा किया जाए.
- (यूजीसी) विश्वविद्यालय अनुदान आयोग 2026 के नए गाइडलाइन को पूर्ण रूप से लागू किया जाए.
- केंद्र और राज्य सरकार के सचिवालय में पिछड़ा वर्ग के लिए सीट आरक्षित किया जाए.
- सिविल सर्विस (UPSC,PSC) सेवा में पिछड़ा वर्ग का सीट आरक्षण किया जाए.
