ऑनलाइन गेम और लोन ऐप के जाल में फंसता युवा वर्ग, रोक लगाने की मांग तेज

एनएचआरसीसीबी जागरूकता प्रचार प्रसार कर रोक लाने का कर रहा प्रयास


रायपुर |देश में तेजी से बढ़ते ऑनलाइन गेमिंग और अवैध लोन एप्लीकेशनों का जाल युवाओं के लिए गंभीर समस्या बनता जा रहा है। कई युवा इन ऐप्स के माध्यम से कर्ज लेकर ऑनलाइन गेम खेल रहे हैं, जिससे वे आर्थिक और मानसिक संकट में फंसते जा रहे हैं। इसके बावजूद प्रशासन की ओर से ठोस कार्रवाई न होने पर चिंता बढ़ती जा रही है।
राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं अपराध नियंत्रण ब्यूरो (एनएचआरसीसीबी) के प्रदेश अध्यक्ष एवं राष्ट्रीय संयुक्त सचिव डॉ. जतिंदर पाल सिंह ने कहा कि कुछ वर्ष पहले कोविड-19 के दौरान अवैध ऑनलाइन लोन एप्लीकेशनों का बड़ा जाल सामने आया था। आर्थिक संकट से जूझ रहे लोग आसानी से लोन लेने के लालच में इन ऐप्स का उपयोग करने लगे थे। कई मामलों में छोटी राशि का कर्ज लेकर लोगों को कई गुना पैसा लौटाना पड़ा और मानसिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ा। ऐसे मामलों में कई लोगों द्वारा आत्महत्या करने की घटनाएँ भी सामने आई थीं, जिनमें बड़ी संख्या युवा वर्ग की थी।
डॉ. सिंह ने बताया कि उस समय इन अवैध लोन ऐप्स की जानकारी एकत्र कर उनकी कार्यप्रणाली को समझते हुए कार्रवाई के प्रयास किए गए थे। जांच में सामने आया कि कई लोन एप्लीकेशन न तो आरबीआई और न ही किसी एनबीएफसी से अधिकृत थे, फिर भी वे खुद को अधिकृत बताकर लोगों को भ्रमित कर रहे थे। बाद में सख्ती होने पर सैकड़ों ऐप बंद हुए और कई एप्लीकेशन को प्लेटफॉर्म से हटाया गया, जिससे लोगों को कुछ राहत मिली।
हालांकि अब फिर से कई नए नामों से लोन एप्लीकेशन और ऑनलाइन गेमिंग ऐप्स सक्रिय होते दिखाई दे रहे हैं। ये ऐप्स लिंक के माध्यम से इंस्टॉल करवाए जाते हैं और इंस्टॉल करते ही उपयोगकर्ता के मोबाइल फोन की कई निजी जानकारियों तक पहुंच बना लेते हैं। इनमें फोन कॉल रिकॉर्ड, मैसेज, फोटो गैलरी और कैमरा तक की पहुंच शामिल होती है। बाद में इन्हीं जानकारियों का इस्तेमाल कर लोगों को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता है और पैसे वसूले जाते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार कई युवा ऐसे लोन ऐप्स से पैसा लेकर ऑनलाइन गेमिंग या जुए जैसे प्लेटफॉर्म पर दांव लगाने लगते हैं, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति और खराब हो जाती है। सामाजिक कार्यकर्ताओं का मानना है कि यह एक प्रकार का डिजिटल जुआ बनता जा रहा है, जो युवाओं के भविष्य के लिए गंभीर खतरा है।
इस स्थिति को देखते हुए राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं अपराध नियंत्रण ब्यूरो ने इस विषय पर जागरूकता अभियान चलाने और प्रशासनिक अधिकारियों को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग करने का निर्णय लिया है। संगठन का कहना है कि अवैध लोन एप्लीकेशन और ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म पर सख्त निगरानी और कार्रवाई जरूरी है।
संगठन ने आम जनता से भी अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति ऐसे लोन या गेमिंग एप्लीकेशन के जाल में फंस रहा हो तो उसे जागरूक करें और ऐसे प्लेटफॉर्म से दूर रहने की सलाह दें। साथ ही प्रशासन से आग्रह किया गया है कि इस बढ़ती समस्या पर तत्काल प्रभावी कदम उठाए जाएं, ताकि युवाओं को इस जाल से बचाया जा सके।

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