ज़िला जांजगीर चांपा ब्लॉक नवागढ़
हसदेव नदी के किनारों पर इन दिनों रेत माफिया का ऐसा साम्राज्य चल रहा है, मानो कानून नाम की कोई चीज ही नहीं बची। रात के अंधेरे में ट्रैक्टर-ट्रॉली और हाईवा की कतारें लगती हैं, और नदी की कोख को बेरहमी से खाली किया जा रहा है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद प्रशासन की कार्रवाई सिर्फ कागजों तक सीमित है। सवाल यह उठता है कि आखिर इन माफियाओं को इतना संरक्षण कौन दे रहा है कि इन्हें शासन-प्रशासन का जरा भी डर नहीं?
दिन हो या रात, अवैध खनन का खेल लगातार जारी है। नदी का जलस्तर गिर रहा है, पर्यावरण पर खतरा मंडरा रहा है और गांवों की जमीन तक प्रभावित हो रही है। लेकिन जिम्मेदार अधिकारी आंख मूंदे बैठे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द ही इस पर कड़ी कार्रवाई नहीं हुई, तो आने वाले समय में हसदेव नदी सिर्फ नाम की रह जाएगी।
