।। युग पुरुष ‘अम्बेडकर’।।
वो बाबा साहेब नमन तुम्हे
तेरा करम महान,
जब तक सुरज चांद रहेगा
पूजेंगे तुझे ज़हान।
सदा वंदना करेंगे दुनिया
तुझमें चरित्र विराट,
तेरे प्रतिमा में शिश झुकाते
बड़े बड़े सम्राट।
तेरे राह में दुःख तकलीफें
सैकड़ों आए मुश्किल,
फिर भी कभी तु हार न मानी
पा ली उच्च मंजिल।
बत्तीस डिग्री नौ भाषा का
अनोखा तेरा ज्ञान,
देश विदेश में दूर-दूर तक
नहीं तुझसा विद्वान।
संविधान लिख देश की तुने
बढ़ाया राष्ट्र अभिमान,
दिन दुःखी और शोषित वंचित
कहते तुम्हे भगवान।
बेबस और मजलूमों के हित
तूने कदम बढ़ाया,
नारी को दे शिक्षा का हक
उनके भाग्य जगाया।
ऊंच-नीच की भेद मिटाकर
समता के बीज बोए,
स्वतंत्रता और न्याय बंधुत्व से
एक नव राष्ट्र पिरोए।
तेरे दम पे सपने सजाएं
भारतवासी हरदम ,
युगों-युगों तक लहरायेंगे
तेरे नाम का परचम।
लेखक/कवि,
विजय कुमार कोसले
सारंगढ़, छत्तीसगढ़।
Mo.- 6267875476
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