बलौदाबाजार । शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्ता के साथ-साथ शिक्षकों और विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए अंबुजा विद्या पीठ रवान में ‘मेंटल वेलनेस’ विषय पर दो दिवसीय वृहद कार्यशाला का आयोजन किया गया। अदाणी फाउंडेशन के सहयोग से आयोजित इस कार्यशाला में छत्तीसगढ़ के विभिन्न क्षेत्रों से आए शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथियों द्वारा मां सरस्वती के छायाचित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य डॉ. संजय कुमार पाण्डेय ने अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए शिक्षा में मानसिक संतुलन और सकारात्मकता के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि “शिक्षक राष्ट्र निर्माता होता है और उसका मानसिक रूप से सुदृढ़ होना अत्यंत आवश्यक है। सकारात्मक और तनावमुक्त शिक्षक ही विद्यार्थियों में श्रेष्ठ संस्कार और ज्ञान का संचार कर सकता है।”
कार्यशाला के मुख्य वक्ता डॉ. अतुल निश्चल अध्यक्ष, ईडीएक्सएसओ एवं संस्थापक, आईसीएसएल ने सरल एवं प्रभावी तरीके से मानसिक स्वास्थ्य के विभिन्न आयामों पर चर्चा की। उन्होंने ‘कॉग्निटिव वेलनेस’ और भावनात्मक संतुलन पर जोर देते हुए बताया कि सकारात्मक सोच और जीवन की छोटी-छोटी खुशियों के माध्यम से तनाव को कम किया जा सकता है।
अदाणी फाउंडेशन की मुख्य शैक्षणिक अधिकारी डॉ. कविता नागपाल ने अपने संबोधन में कहा कि फाउंडेशन का उद्देश्य केवल साक्षरता बढ़ाना नहीं, बल्कि एक स्वस्थ और खुशहाल शैक्षणिक वातावरण तैयार करना भी है। उन्होंने रिसोर्स पर्सन सुश्री मोनिका कुमार एवं श्री नवीन के योगदान की सराहना की, जिन्होंने इंटरएक्टिव सत्रों के माध्यम से शिक्षकों को व्यावहारिक ज्ञान प्रदान किया।
कार्यशाला की विशेषता इसकी व्यापक भागीदारी रही। सरगुजा, जामुल एवं रवान स्थित अदाणी समूह के विद्यालयों के शिक्षकों ने इसमें सक्रिय सहभागिता निभाई। कार्यक्रम के दौरान समूह चर्चा, योग एवं ध्यान सत्र आयोजित किए गए, जो चार प्रमुख सिद्धांतों सकारात्मक सोचें, सकारात्मक बनें, सकारात्मक रहें और सकारात्मक जिएं पर आधारित थे।
समापन सत्र में प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए इस प्रकार के आयोजनों को उपयोगी बताया। उन्होंने कहा कि इससे कार्यक्षमता बढ़ाने और मानसिक तनाव कम करने में सहायता मिलेगी। अंत में प्राचार्य डॉ. संजय कुमार पाण्डेय ने सभी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने की प्रतिबद्धता जताई।
बलौदाबाजार । शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्ता के साथ-साथ शिक्षकों और विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए अंबुजा विद्या पीठ रवान में ‘मेंटल वेलनेस’ विषय पर दो दिवसीय वृहद कार्यशाला का आयोजन किया गया। अदाणी फाउंडेशन के सहयोग से आयोजित इस कार्यशाला में छत्तीसगढ़ के विभिन्न क्षेत्रों से आए शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथियों द्वारा मां सरस्वती के छायाचित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य डॉ. संजय कुमार पाण्डेय ने अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए शिक्षा में मानसिक संतुलन और सकारात्मकता के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि “शिक्षक राष्ट्र निर्माता होता है और उसका मानसिक रूप से सुदृढ़ होना अत्यंत आवश्यक है। सकारात्मक और तनावमुक्त शिक्षक ही विद्यार्थियों में श्रेष्ठ संस्कार और ज्ञान का संचार कर सकता है।”
कार्यशाला के मुख्य वक्ता डॉ. अतुल निश्चल अध्यक्ष, ईडीएक्सएसओ एवं संस्थापक, आईसीएसएल ने सरल एवं प्रभावी तरीके से मानसिक स्वास्थ्य के विभिन्न आयामों पर चर्चा की। उन्होंने ‘कॉग्निटिव वेलनेस’ और भावनात्मक संतुलन पर जोर देते हुए बताया कि सकारात्मक सोच और जीवन की छोटी-छोटी खुशियों के माध्यम से तनाव को कम किया जा सकता है।
अदाणी फाउंडेशन की मुख्य शैक्षणिक अधिकारी डॉ. कविता नागपाल ने अपने संबोधन में कहा कि फाउंडेशन का उद्देश्य केवल साक्षरता बढ़ाना नहीं, बल्कि एक स्वस्थ और खुशहाल शैक्षणिक वातावरण तैयार करना भी है। उन्होंने रिसोर्स पर्सन सुश्री मोनिका कुमार एवं श्री नवीन के योगदान की सराहना की, जिन्होंने इंटरएक्टिव सत्रों के माध्यम से शिक्षकों को व्यावहारिक ज्ञान प्रदान किया।
कार्यशाला की विशेषता इसकी व्यापक भागीदारी रही। सरगुजा, जामुल एवं रवान स्थित अदाणी समूह के विद्यालयों के शिक्षकों ने इसमें सक्रिय सहभागिता निभाई। कार्यक्रम के दौरान समूह चर्चा, योग एवं ध्यान सत्र आयोजित किए गए, जो चार प्रमुख सिद्धांतों सकारात्मक सोचें, सकारात्मक बनें, सकारात्मक रहें और सकारात्मक जिएं पर आधारित थे।
समापन सत्र में प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए इस प्रकार के आयोजनों को उपयोगी बताया। उन्होंने कहा कि इससे कार्यक्षमता बढ़ाने और मानसिक तनाव कम करने में सहायता मिलेगी। अंत में प्राचार्य डॉ. संजय कुमार पाण्डेय ने सभी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने की प्रतिबद्धता जताई।
