बालोद । छत्तीसगढ़ चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज, रायपुर के बालोद जिला मंत्री स्वाधीन जैन ने प्रदेश अध्यक्ष सतीश थौरानी को ज्ञापन सौंपा।
स्वाधीन जैन ने बताया गया कि छत्तीसगढ़ शासन की “औद्योगिक विकास नीति 2024-30” के अंतर्गत MSME एवं विनिर्माण इकाइयों को औद्योगिक प्रयोजन हेतु भूमि डायवर्जन शुल्क में लगभग 50% तक छूट का प्रावधान किया गया है। परंतु वर्तमान में ऑनलाइन भूमि डायवर्जन पोर्टल में उक्त छूट का विकल्प उपलब्ध नहीं हो रहा है।
इस तकनीकी खामी के कारण नए उद्योग स्थापित करने वाले MSME उद्यमियों को शासन द्वारा घोषित छूट का लाभ ऑनलाइन प्रक्रिया में प्राप्त नहीं हो पा रहा है तथा उन्हें पूर्ण शुल्क भुगतान की स्थिति उत्पन्न हो रही है। इससे नए एवं लघु उद्योग स्थापित करने वाले उद्यमियों को शुरुआत में ही आर्थिक व प्रक्रियात्मक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
बालोद जिला मंत्री स्वाधीन जैन ने कहा कि शासन की मंशा उद्योगों को प्रोत्साहन देने की है, परंतु ऑनलाइन प्रणाली में आवश्यक प्रावधान उपलब्ध नहीं होने से नीति का वास्तविक लाभ जमीनी स्तर पर प्राप्त नहीं हो पा रहा है। उन्होंने चैम्बर अध्यक्ष से आग्रह किया कि संबंधित विभाग एवं शासन स्तर पर आवश्यक तकनीकी अपडेट करवाने हेतु उचित पहल करें, जिससे पात्र औद्योगिक इकाइयों को शासन द्वारा निर्धारित भूमि डायवर्जन शुल्क छूट का लाभ ऑनलाइन प्रक्रिया में भी सुगमता से प्राप्त हो सके।
इस अवसर पर ज्ञापन सौंपते समय चैम्बर के पदाधिकारी राजेश वाशवानी कार्यकारी अध्यक्ष, जसप्रीत सलूजा कार्यकारी अध्यक्ष, युवा नेता जयदीप गुप्ता, दिलीप इशारानी, जीतू शादीजा प्रमुख रूप से उपस्थित थे।
चैम्बर अध्यक्ष सतीश थौरानी ने तत्काल मामले को संज्ञान में लेते हुए कहा कि इस विषय पर मंत्री ओ.पी. चौधरी से मिलकर चर्चा की जाएगी और समस्या का शीघ्र निदान कराया जाएगा।
