भारतीय शास्त्रीय नृत्य की समृद्ध परंपरा को वैश्विक मंच पर प्रतिष्ठित करने में डॉ. पोम्पी पॉल का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण और प्रेरणादायक रहा है। ओडिसी नृत्य की एक अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कलाकार, शिक्षिका और शोधकर्ता के रूप में उन्होंने न केवल भारत बल्कि विश्व के अनेक देशों में भारतीय संस्कृति की गौरवशाली छवि प्रस्तुत की है।
कम उम्र से शुरू हुई साधना, बनी वैश्विक पहचान
डॉ. पोम्पी पॉल ने मात्र चार वर्ष की आयु में नृत्य की शिक्षा प्रारंभ की। प्रारंभिक प्रशिक्षण कथक नृत्य में प्राप्त करने के बाद उन्होंने ओडिसी नृत्य में विशेषज्ञता हासिल की। वे गुरु पौशाली मुखर्जी की शिष्या हैं और गुरु केलुचरण महापात्र शैली का प्रतिनिधित्व करती हैं।

उन्होंने रवीन्द्र भारती विश्वविद्यालय से नृत्य में पीएच.डी. प्राप्त की और कई शोध परियोजनाओं में सक्रिय भूमिका निभाई। उनके शोध कार्यों ने आधुनिक नृत्य और भारतीय शास्त्रीय परंपराओं के समन्वय को नई दिशा दी है।
‘कल्पदीप’ – संस्कृति के प्रचार का सशक्त माध्यम
30 मई 2008 को डॉ. पॉल द्वारा स्थापित संस्था ‘कल्पदीप’ आज उत्तर बंगाल के जलपाईगुड़ी से भारतीय शास्त्रीय नृत्य के प्रचार-प्रसार का एक प्रमुख केंद्र बन चुकी है।

इस संस्था के माध्यम से न केवल ओडिसी बल्कि भरतनाट्यम, छऊ, रवीन्द्र नृत्य, योग और आधुनिक नृत्य पर भी कार्यशालाएं, सेमिनार और लेक्चर-डेमोंस्ट्रेशन आयोजित किए जाते हैं।

कल्पदीप द्वारा आयोजित ‘कल्पदीप उत्सव’ को भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय से निरंतर सहयोग प्राप्त होता रहा है और अब यह आयोजन देश के विभिन्न शहरों—दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और सिलीगुड़ी—में भी आयोजित किया जा रहा है।

राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर शानदार प्रस्तुतियाँ
डॉ. पॉल और उनकी टीम ने भारत के साथ-साथ पोलैंड, बांग्लादेश, भूटान, नेपाल, इंडोनेशिया और यूनाइटेड किंगडम जैसे देशों में भी अपनी कला का प्रदर्शन किया है।
उन्होंने अमृत युवा कलोत्सव, रामायण कॉन्क्लेव, इंटरनेशनल ओडिसी डांस फेस्टिवल और इंडिया इंटरनेशनल डांस फेस्टिवल जैसे प्रतिष्ठित मंचों पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।उनकी विशेष प्रस्तुति ‘रामायण’ पर आधारित नृत्य-नाटिका है, जिसमें भगवान राम के जीवन के विभिन्न प्रसंगों को ओडिसी नृत्य शैली में प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया है।

सम्मान और उपलब्धियों से सजी यात्रा
डॉ. पोम्पी पॉल को वर्ष 2024 में गुरु केलुचरण महापात्र युवा प्रतिभा सम्मान से सम्मानित किया गया। इसके अलावा उन्हें राष्ट्रीय छात्रवृत्ति (सीनियर कैटेगरी), रवीन्द्र भारती विश्वविद्यालय छात्रवृत्ति सहित अनेक प्रतिष्ठित पुरस्कार प्राप्त हुए हैं। उन्होंने विभिन्न राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया।
